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Noida News: निवेश का लालच देकर तीन लोगों से 30 लाख रुपये की साइबर ठगी

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निवेश का लालच देकर तीन लोगों से 30 लाख रुपये की साइबर ठगी
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- प्री-आईपीओ में मोटे मुनाफे का झांसा, वर्चुअल एसेट और ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर भी फंसाया
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने प्री-आईपीओ, वर्चुअल एसेट और ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर तीन लोगों से करीब 30 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने पहले पीड़ितों को भरोसे में लिया और निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलने का दावा किया। रकम ट्रांसफर होने के बाद निकासी के नाम पर अलग-अलग शुल्क और अतिरिक्त निवेश की मांग शुरू कर दी। तीनों मामलों में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सेक्टर-78 निवासी एक शख्स ने पुलिस से शिकायत की है कि कुछ दिन पहले उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में प्री-आईपीओ शेयरों में निवेश से कम समय में अच्छा मुनाफा मिलने के दावे किए जाते थे। जालसाजों ने पीड़ित को भरोसा दिलाया कि शुरुआती निवेश पर बेहतर रिटर्न मिलेगा। इसके बाद उनसे करीब 8 हजार प्री-आईपीओ शेयरों के लिए 6 लाख रुपये जमा करा लिए गए। कुछ समय बाद आरोपियों ने दावा किया कि उनके खाते में 32 हजार शेयर ट्रांसफर किए गए हैं। इन शेयरों को सक्रिय कराने या आगे की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उनसे करीब 18 लाख रुपये और मांगे गए। बड़ी रकम की मांग होने पर पीड़ित को संदेह हुआ। उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की।
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दूसरे मामले में सेक्टर-22 निवासी एक शख्स ने पंकज सिंह बिष्ट समेत तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने वर्चुअल एसेट में निवेश के नाम पर उन्हें भरोसे में लिया और धीरे-धीरे कुल 14.47 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। रकम देने के बाद जब उन्होंने अपने पैसे वापस लेने की कोशिश की तो आरोपियों ने कथित तौर पर टालमटोल शुरू कर दी।
ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश का दिया लालच : तीसरे मामले में सेक्टर-63 निवासी एक युवक को ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश का लालच दिया गया। आरोप है कि जालसाजों ने उनका ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाने और उसमें निवेश कराने के नाम पर अलग-अलग समय में 9.5 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। जब पीड़ित ने अपने खाते से रकम निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने कई तरह की तकनीकी और अन्य वजह बताकर भुगतान रोक दिया। इसके बाद रकम लौटाने से भी इनकार कर दिया गया। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस ने इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
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साइबर ठगी से ऐसे बचें
- किसी अनजान व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप में शेयर खरीदने का प्रस्ताव मिले तो तुरंत पैसा न लगाएं। कंपनी और निवेश प्लेटफॉर्म की आधिकारिक जानकारी जांचें।
- ट्रेडिंग या निवेश में निश्चित और बहुत ज्यादा रिटर्न का दावा ठगी का संकेत हो सकता है।
- अगर निवेश की रकम निकालने के लिए टैक्स, सिक्योरिटी, प्रोसेसिंग फीस या अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त पैसा मांगा जाए तो भुगतान न करें।
- ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड, कार्ड की जानकारी और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
- साइबर ठगी का पता चलते ही देरी न करें। तत्काल 1930 पर शिकायत करें।
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