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Noida News: चार दशक पुराने बिजली ढांचे से बढ़ी परेशानी, हल्की बारिश में भी घंटों कटती है बिजली

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सुमेर सिंह रावत।
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- जर्जर तार, पुराने ट्रांसफार्मर और बार-बार कटौती, बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल
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-विद्युत निगम की कईयों बैठक के बाद भी नो पावर कट जोन में घंटों बिजली हो रही कट
-करोड़ों रूपये खर्च करने के बावजूद पुराने सेक्टरों में जर्जर बिजली इंफ्रा नहीं बदला

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर के कई पुराने सेक्टरों में बिजली की आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। लगभग चार दशक पहले बसे सेक्टरों, जिनमें सेक्टर 12-22, 39, ए व बी, सेक्टर 15, 120 सेक्टर 27, 105 पॉकेट ए, सेक्टर 52 में बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर काफी पुराना हो चुका है। इन सेक्टरों से बिजली की समस्या आए दिन बनी रहती है। हल्की सी बारिश में भी घंटों बिजली गुल हो जाना आम बात हो गई है, जिससे निवासियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

विद्युत निगम का कहना है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए हर साल सेक्टरों के लोगों के साथ बैठकें करने और उनकी जरूरतों के आधार पर बजट तैयार कर शासन से पास कराने का दावा किया जाता है। इस प्रक्रिया के तहत करोड़ों रुपये खर्च करने की बात भी कही जाती है, लेकिन समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकलता। पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण, बिजली की तारें, ट्रांसफार्मर और अन्य उपकरण अक्सर खराब हो जाते हैं। इससे न केवल बिजली आपूर्ति बाधित होती है, बल्कि सुरक्षा का खतरा भी बना रहता है।
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निवासियों का कहना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के बजाय, विद्युत निगम केवल खानापूर्ति कर रहा है। सेक्टर 105 निवासी विजय कपूर ने बताया कि आधुनिक शहर में, जहां हाई-टेक सुविधाओं की अपेक्षा की जाती है, वहां बिजली जैसी मूलभूत सुविधा की यह बदहाल स्थिति चिंताजनक है।

अब तक क्या- क्या हुए कार्य
-जर्जर तार व पोल में बदलाव
-पावर परिवर्तकों की सुरक्षा बढ़ाई
-33 केवी वीसीबी अपडेट और 11 केवी वीसीबी बदले गए
-भूमिगत खराब सर्किट में बदलाव
-नियमित पेड़ों की कटाई-छटाई जारी

पिछले तीन साल में सेक्टर का बिजली ढांचा सुधारने के लिए खर्च हुआ पैसा
वर्ष प्लान स्वीकृत धनराशि
2023-24 - 625 - 122.21 करोड़
2024-25 - 532 - 124.89 करोड़
2025-26 - 448 - 97.51 करोड़


हमारे यहां बिजली के पैनल बुरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। इसके साथ ही बिजली के पोल भी बदहाल अवस्था में हैं। -सुभाष अवाना, सेक्टर 93बी आडब्ल्यूए महासचिव
तार और विद्युत पोल पुराने होने के कारण जर्जर हो चुके है, वह कभी भी गिर सकते हैं, क्योंकि वो नीचे की ओर से गल चुके हैं। -सुमेर सिंह रावत, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सेक्टर 15
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हर साल बिजली की खपत बढ़ती है, अक्सर ट्रिपिंग की समस्या आ जाती है, भूमिगत पड़ी केबलों में अक्सर फॉल्ट आने से घंटों बिजली गुल रहती है।
-दिगंबर सिंह, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष, सेक्टर 108
पार्कों में लगी अधिकतर लाइटें खराब पड़ी हैं, उसमें पड़े तार भी खुले पड़े हैं, ऐसे में पार्क आने वाले बच्चों से लेकर बुजुर्ग कभी भी उनकी चपेट में आ सकते हैं। -ओमवीर बंसल, आरडबल्यूए अध्यक्ष, सेक्टर 105 पॉकेट बी

सुमेर सिंह रावत।

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