-पड़ोसी ने बताया घटना वाली रात का घटनाक्रम
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जलपुरा गांव की बहू दीपिका नागर की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि मामले में नामजद दो ननदों को पुलिस अब तक गिरफ्तार नहीं कर रही है, जबकि घटना में उनकी भी भूमिका रही है। परिवार ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
दीपिका के परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी पिछले करीब आठ माह से ससुराल पक्ष की प्रताड़ना झेल रही थी। वह कई बार अपनी मां और बहन को घर में होने वाले विवाद और मानसिक उत्पीड़न के बारे में बता चुकी थी। हालांकि परिवार बेटी का घर बचाना चाहता था, इसलिए उन्होंने कोई कठोर कदम नहीं उठाया। अब परिवार का कहना है कि उसी चुप्पी की कीमत उनकी बेटी ने जान देकर चुकाई।
मामले में पड़ोसी युवक गुलजार चौधरी का बयान भी सामने आया है। गुलजार ने बताया कि रविवार रात करीब 12:30 बजे वह अपने घर में था। इसी दौरान तेज आवाज सुनाई दी। बाहर निकलकर देखा तो दीपिका लोहे के जाल पर गिरी हुई थी और उसका चेहरा जमीन की तरफ था। कुछ ही देर में उसका पति रितिक भागता हुआ नीचे आया और दीपिका को उठाकर गाड़ी में ले जाने की बात कहने लगा। परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने घटना को हादसे का रूप देने की कोशिश की। परिवार की महिलाओं ने कहा कि यदि आरोपियों को उनकी बेटी पसंद नहीं थी तो उसे वापस मायके भेज देते, लेकिन उसकी जान नहीं लेनी चाहिए थी।
पुलिस ने कराया घटनास्थल का निरीक्षण : मामले की जांच ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस कर रही है। पुलिस दीपिका के मायके पक्ष को जलपुरा गांव लेकर पहुंची। इसके बाद पुलिस टीम ने दीपिका के पति रितिक के घर जाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने परिवार के लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और घटनास्थल दिखाकर घटनाओं का क्रम समझने का प्रयास किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच कर रही है, लेकिन आरोपियों के घर के पास कोई कैमरा नहीं मिला।