-सेक्टर 12, 71 के जागृति अपार्टमेंट, 82 उद्योग विहार समेत अन्य सेक्टरों में समस्या ज्यादा
- खस्ताहाल हैं साइनाबोर्ड, कहीं उड़ गया रंग, कहीं लगे ही नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर के सेक्टरों में परिचितों, रिश्तेदारों को अक्सर घर ढूंढने के लिए भटकना पड़ता है, कारण दिशासूचक बोर्ड का क्षतिग्रस्त होना है। जिसके चलते घर की सही से जानकारी नहीं मिल पाती है। सेक्टर-12 में रहने वाले लोगों ने बताया कि यह नोएडा का सबसे पुराने सेक्टर है। यहां पर लगे दिशासूचक बोर्ड लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़े हैं, कई टूट चुके हैं, तो कई से जानकारी ही मिट गई है। यही हाल सेक्टर-82 उद्योग विहार का है, जहां पर सालों पहले लगे दिशासूचक बोर्ड में लिखी जानकारी ही मिट चुकी है। कई क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं, कुछ ऐसे भी दिशासूचक बोर्ड हैं, जो आने जाने वाले लोगों के लिए खतरे का संकेत भी बन चुके हैं। इससे अलग सेक्टर-71 के जागृति अपार्टमेंट का हाल है, जहां पर दिशासूचक बोर्ड लगे ही नहीं है।
लोगों का कहना है कि हजारों की संख्या में यहां पर लोग रहते हैं, लेकिन दिशासूचक बोर्ड न होने से अक्सर घर आने वाले रिश्तेदार गुम हो जाते हैं, हालांकि इस दौरान गूगल मैप सहारा बनता है लेकिन कभी-कभी वह भी घुमा देता है। सबसे ज्यादा दिक्कत उनको आती है, जो गूगल मैप नहीं चला पाते हैं, खासकर इसमें बुजुर्ग व महिलाएं शामिल हैं। आलम यह है कि कोई उन्हें सही जानकारी भी नहीं दे पाता है। ऐसे में उनका कहना है कि दिशासूचक बोर्ड का होना बेहद जरूरी है।
मेरे सेक्टर में लंबे समय से दिशासूचक शब्द क्षतिग्रस्त पड़े हैं, इसके लिए प्राधिकरण के अधिकारियों से शिकायत की गई है।
-रंजन कुमार, आरडब्ल्यूए महासचिव,सेक्टर 82 उद्योग विहार
हमारे यहां सेक्टर में कई दिशासूचक शब्द क्षतिग्रस्त हैं, यह लोगों के लिए भी खतरा है, क्योंकि वह रोड की ओर झुके हुए हैं।
-डॉ तरसेम चंद, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेक्टर 12
यहां कोई भी डिलीवरी पार्टनर आता है तो उसे सही जानकारी नहीं हो पाती है, जिसके चलते डिलीवरी में भी देरी होती है।
-बब्लू चौधरी, निवासी सेक्टर 71 जागृति अपार्टमेंट