- स्ट्रीट वेंडर्स ने बढ़ाए दाम, हर उत्पाद पर 5-10 रुपये तक बढ़ोरी, गैस की दराें में वृद्धि होने से
3113.50 रुपये वाणिज्यिक सिलिंडर, 1832 रुपये छोटू सिलिंडर के दाम हुए हैं।
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। रसोई की आग अब सिर्फ चूल्हों तक सीमित नहीं रही, बल्कि सीधे लोगों की जेब पर भी असर डालने लगी है। एक बार फिर वाणिज्यिक गैस सिलिंडर के दाम 42 रुपये बढ़ने से महंगाई की आंच तेज हो गई है। गैस कंपनियों की इस बढ़ोतरी का असर अब बाजार की थालियों और ठेलों पर साफ दिखाई देने लगा है। सुबह की चाय के साथ खाए जाने वाले समोसे, गर्मागर्म जलेबी, रेस्तरां की पसंदीदा डिशें और यहां तक कि सब्जियों के दाम भी बढ़ गए हैं। छोटे स्ट्रीट वेंडर्स से लेकर बड़े होटल-रेस्तरां संचालकों तक का कहना है कि बढ़ती लागत के बीच पुराने रेट पर कारोबार चलाना मुश्किल हो गया है।
महीने की पहली तारीख से 19 किलो वाले वाणिज्यिक सिलिंडर के दाम में 42 रुपये बढ़ोतरी हुई है। जिसके बाद सिलिंडर की कीमत 3113.50 रुपये पहुंच गई है। पांच किलो गैस वाले छोटे सिलिंडर के दाम में 11 रुपये बढ़ोतरी होने के बाद कीमत 1832 रुपये हो गई है। अमेरिका-इरान युद्ध के चलते एलपीजी सिलिंडर के दाम बढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ था जो कि अब थम ही नहीं रहा है। दाम में इजाफा होने से खान-पान के समान फिर से महंगे हो गए हैं। सेक्टर 22 स्थित रेस्तरां मालिक ने बताया कि जलेबी, गुलाब जामुन, समोसे, छोले भटूरे जैसे उत्पादों के दाम में दस रुपये बढ़ाए हैं। सेक्टर- 5 स्थित दुकान पर भी खस्ता कचौड़ी के दाम चालीस रुपये से बढ़ाकर 55 रुपये कर दिए गए हैं। सेक्टर-18 स्थित बाजार के कई रेस्तरां में दाम बढ़ाए गए हैं। 120 रुपये की मोमोज प्लेट में 130 रुपये की हो गई है। नान की प्लेट 70 से 80 रुपये कर दी गई।
दाम नहीं बढ़ाता तो किराया देना हो जाता मुश्किल : सेक्टर-39 स्थित रेस्तरां संचालक ने बताया कि दुकान का किराया ही 40 हजार है। महंगाई दिन प दिन बढ़ती जा रही है। रेस्तरां में कार्यरत कर्मचारियों की पगार भी देनी होती है। इस बीच सिलिंडर के दाम लगातार बढ़ने के कारण मेन्यू में शामिल 60 से 50 उत्पादों के दाम बढ़ाने पड़े। हर उत्पाद की कीमत में लगभग पंद्रह से बीस रुपये बढ़ाए हैं। दाम नहीं बढ़ाते तो रेस्तरां बंद करने की स्थिति बन जाती। कुछ दिनों पहले तक सिलिंडर की आपूर्ति भी बंद हो गई थी। काम चलाने के लिए अतिरिक्त रुपये देकर सिलिंडर लेना पड़ा था।