- मेडिकल स्टोर बंद होने से मरीजों और उनके परिजनों को करना पड़ सकता है परेशानियों का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) के आह्वान पर बुधवार को ई-कॉमर्स के माध्यम से दवाइयों की बिक्री के विरोध में देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रखने की घोषणा की गई है। हालांकि गौतमबुद्ध नगर में अधिकांश मेडिकल स्टोर खुले रहने की संभावना है। इसके बावजूद ग्रेटर नोएडा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने एआईओसीडी के आंदोलन और मांगों का समर्थन करने की बात कही है।
ग्रेटर नोएडा केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गर्ग ने बताया कि केवल एक दिन मेडिकल स्टोर बंद रखने से ई-कॉमर्स के जरिए हो रही दवाइयों की बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लग सकेगी। उन्होंने कहा कि जिले में बड़ी संख्या में गंभीर बीमारियों से मरीज जूझ रहे हैं, जिन्हें नियमित दवाइयों की आवश्यकता होती है। ऐसे में मेडिकल स्टोर बंद होने से मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि मरीजों की जरूरतों और जनहित को ध्यान में रखते हुए जिले के अधिकांश मेडिकल स्टोर खुले रखे जाएंगे। हालांकि एसोसिएशन ई-कॉमर्स दवा बिक्री के विरोध में एआईओसीडी के समर्थन में खड़ा रहेगा और इस मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करेगा। उन्होंने कहना है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर दवाइयों की बिक्री से पारंपरिक मेडिकल स्टोर प्रभावित हो रहे हैं।
मेडिकल स्टोर संचालक यशपाल सिंह प्रजापति ने बताया कि अब तक एसोसिएशन की ओर से मेडिकल स्टोर पूरी तरह बंद रखने के लिए कोई औपचारिक दिशा-निर्देश जारी नहीं किया गया है। यदि आगे कोई सूचना प्राप्त होती है, तो स्थिति के अनुसार मेडिकल स्टोर बंद या आंशिक रूप से बंद किए जा सकते हैं।
वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनऔषधि नोडल अधिकारी अमित राजपूत का कहना है कि ई-कॉमर्स के विरोध में जनऔषधि केंद्र बंद नहीं रहेंगे। केंद्र खुले रहेंगे। ऐसे में जिले में मेडिकल स्टोर खुले रहने की संभावना के चलते मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि दवा विक्रेता संगठन अपने विरोध को अन्य माध्यमों से जारी रखेंगे।