नूंह। जिले में वर्ष 2020 में पोषण स्थिति में सुधार के लिए उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा को प्रदेश में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने उन्हें दो लाख रुपये, स्मृति चिन्ह व शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में सीईओ जिला परिषद महावीर प्रसाद ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
उन्होंने कहा कि आज बड़ी खुशी का दिन है कि जिला नूंह को पोषण अभियान के अंतर्गत राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार मिला है, जिससे महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी बधाई के पात्र है। उन्होंने कहा कि यदि हम लड़कियों को पंख फैलाने देंगे तो वे अपना रास्ता खुद बना लेेगी, आज की महिला हर क्षेत्र में आगे है, चाहे वह खेल का मैदान है या डाक्टर, इंजीनियर, सिविल सर्विस व अन्य क्षेत्र।
इसका उदाहरण हमारे जिले में है, ममता खरब खेल कोटे से डीएसपी के पद को सुशोभित कर रही है। हमें लड़कियों को बोझ नही समझना है, घर में लड़की है तो वह घर आबाद है। कार्यक्रम के दौरान अपने क्षेत्र में परचम फहराने वाली व वुमन वीक के दौरान उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभिन्न विभागों की महिला अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की सुशासन सहयोगी धनश्री जाघव, सीडीपीओ सविता मलिक, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर मंजू, सरोज आंगनबाड़ी वर्कर आदि महिलाओं के साथ अपने अनुभव साझा किए। सीडीपीओ सविता मलिक ने बताया कि वे स्वयं पर्दा प्रथा से बाहर निकलकर आगे आईं, बल्कि उन्होंने अन्य महिलाओं को भी अपने साथ जोड़ा।
अनाथ आश्रम की तीन लड़कियों जिनमें दो लड़कियों ने राज्य स्तरीय गायन प्रतियोगिता में प्रथम व तृतीय स्थान प्राप्त करने पर महिला दिवस के मौके पर प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। एक लड़की को पेंटिंग प्रतियोगिता में द्वितीय आने पर सम्मानित किया गया तथा जिले में अच्छा कार्य करने वाले अधिकारी व कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण लघु सचिवालय के सभागार में दिखाया गया। उपायुक्त के सम्मानित होने पर कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं व अन्य मेहमानों ने तालियों से मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया। इस दौरान नगराधीश जयप्रकाश, उप-सीईओ गजेंद्र सिंह, सीएमजीजीए धनश्री जाघव, उप-सिविल सर्जन डॉ. चावला, जिला शिक्षा अधिकारी सुरेश गोरिया के अलावा डीएसपी सुधीर तनेजा सहित अन्य मौजूद थे।