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उपायुक्त से पंचायत जमीन छोड़ने की गुहार

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उपायुक्त से मिलने पहुंचे नवाबगढ़ गांव के लोग - फोटो : Mewat
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नूंह। इंडरी पंचायत के गांव नवाबगढ़ के लोगों ने सोमवार को उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा से मुलाकात की। इस दौरान ग्रामीणों ने पंचायती जमीन को उनके उपयोग के लिए छोड़ने की गुहार लगाई।
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इसलाम मेंबर, लियाकत, फौजम, जमशेद, शमशु, समुन, शौकत, तारिफ और हफीज आदि ग्रामीणों ने बताया कि उनकी पंचायत की जमीन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को दे दी गई। जबकि, गांव से अलग भी पंचायत के पास काफी रकबा है। अगर गांव के पास पंचायत की जमीन को छोड़ दिया जाए तो गांव के विकास के लिए आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य केंद्र व स्कूल आदि के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बल से उन्हें कोई एतराज नहीं है। गांव की जनसंख्या करीब तीन हजार है। गांव की पंचायत को अलग कराने की फाइल सरकार के पास विचाराधीन है। भविष्य में गांव के पास जमीन होने से उनको काफी सहूलियत हो सकती है। पंचायत पर आरोप लगाया कि जानबूझकर गांव के जोहड़ और पानी के चैंबर वाली जमीन सीआईएसएफ को दे दी गई है। इस कारण पेयजल की समस्या भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि उनके गांव में शमशान घाट सहित अन्य कई सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में उन्होंने उपायुक्त से मांग की है कि इस पंचायत की जमीन को उनके उपयोग के लिए छोड़ दिया जाए। वहीं, उपायुक्त ने उन्हें समस्या के उचित समाधान का आश्वासन दिया।
सरपंच कमल ने बताया कि जोहड़ की जमीन सीआईएसएफ को नहीं दी गई है। स्कूल के लिए दो एकड़ जमीन पहले ही दे दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा किए थे।
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