लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि गोमतीनगर विभूति खंड में डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान के पास शराब और बीयर की दुकान के बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाए, जिससे वहाँ गुंडागर्दी और खुले में शराब पीने को रोका जा सके। कोर्ट ने लोहिया संस्थान के 100 मीटर से कम दायरे में इस दुकान के खुलने के आरोपों के संबंध में आई एडवोकेट कमिश्नर रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए, मामले की अगली सुनवायी के लिए 10 दिसम्बर को नियत की है।
न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ़ और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश स्थानीय निवासी दिनेश यादव व अन्य लोगों की याचिका पर दिया। पिछली सुनवाई पर कोर्ट ने शराब-बीयर की इस दुकान की वास्तविक स्थिति जानने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया था, जिसने अपनी रिपोर्ट कोर्ट को दे दी है। अदालत ने कहा है कि वह इस रिपोर्ट के संबंध में अगली तिथि पर सुनवायी करेगी। वहीं, याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव मेहरोत्रा ने कोर्ट को बताया कि इस दुकान के बाहर खुले में शराब पी जाती है और नशे में तमाम असामाजिक तत्व आसपास के लोगों से गुण्डागर्दी करते हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि यदि आरोप सही हैं तो यह चिंताजनक मामला है।