- मरीज गलत लिखवा रहे पता, मलेरिया विभाग को ढूंढने में छूट रहे पसीने
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिले में डेंगू के 19 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 260 हो गई है। हालांकि अधिकांश मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, लेकिन मलेरिया विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि जिन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, वे जांच के समय गलत पता या बंद फोन नंबर दे रहे हैं। इससे उनके घरों पर एंटी-लार्वा दवा का छिड़काव करना मुश्किल हो गया है।
सोमवार को मलेरिया विभाग की टीम जब इन मरीजों की ओर से दिए गए पतों पर पहुंची तो कोई भी मरीज वहां नहीं मिला। न ही उनके दिए गए फोन नंबर पर संपर्क हो सका। ऐसे में विभाग अब आरडब्ल्यूए को पत्र लिखकर इन मरीजों का वास्तविक पता पता लगाने में सहयोग मांग रहा है। मलेरिया अधिकारी श्रुति कीर्ति वर्मा ने बताया कि निजी अस्पतालों से आने वाली रिपोर्ट में मरीजों का पता और फोन नंबर अक्सर सही मिल जाता है। ऐसे मरीजों से फोन पर सीधे संपर्क करके उनके घर और आसपास के क्षेत्रों में एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है। लेकिन जो मरीज जिला अस्पताल में डेंगू की जांच करा रहे हैं, उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद सटीक पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई बार टीम जब इनके बताए गए पते पर जाती है तो वहां मरीज नहीं मिलते। इससे संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ जाता है।
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260 मरीजों में डेंगू की पुष्टि
जिले में डेंगू के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। अब तक कुल 260 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लार्वा रोधी दवाओं का छिड़काव कर रही हैं और जनजागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है