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Noida News: विधानसभा में उठी अवैध निर्माण पर कार्रवाई की मांग

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आप विधायक ने ऐसी इमारतों में रहने वाले गरीब लोगों को बिजली कनेक्शन देने की मांग उठाई
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को नियम 280 के तहत अवैध निर्माण से जुड़े मुद्दे उठे। उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने मुस्तफाबाद जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में अवैध रूप से बनीं बहुमंजिला इमारतों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं, आप विधायक आले मोहम्मद इकबाल ने ऐसी इमारतों में निवास कर रहे गरीबों को बिजली कनेक्शन देने की मांग उठाई।
बिष्ट ने कहा कि मुस्तफाबाद और अन्य घनी बस्तियों में 10 से 15 फीट चौड़ी गलियों में बिना किसी मानक के 5-6 मंजिला इमारतें खड़ी कर दी गईं हैं। ऐसे निर्माण अवैध व जानलेवा हैं। कुछ समय पहले एक पांच मंजिला इमारत के गिरने से 11 लोगों की मौत हो गई थी। एमसीडी की ओर से अधूरी कार्रवाई की जा रही है। दुकानों को तो सील कर दिया गया लेकिन न तो बिजली कनेक्शन काटे गए और न ही पानी की सप्लाई रोकी गई। इससे भविष्य में हादसे हो सकते हैं। जब भी किसी इमारत को सील किया जाए तो सबसे पहले उसके बिजली-पानी के कनेक्शन काटे जाएं।
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इधर, आले मोहम्मद ने कहा कि जब आम आदमी फ्लैट खरीदता है तो उसे इंटरनेट, सीवर और पानी का कनेक्शन मिल जाता है लेकिन बिजली का नहीं। उन्होंने सुझाव दिया कि जब एमसीडी में इमारत बुक हो जाती है तो मीटर देने की नीति बनाई जाए ताकि गरीब लोग चोरी से बिजली लेने को मजबूर न हों। उन्होंने मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से अपील की कि डिस्कॉम कंपनियों के साथ बैठक कर स्थायी समाधान की दिशा में ठोस नीति बनाई जाए।
रोहिंग्या-बांग्लादेशी घुसपैठ का मुद्दा उठाया
भाजपा विधायक कैलाश गंगवाल ने मादीपुर क्षेत्र सहित राजधानी के विभिन्न हिस्सों में बढ़ रही अवैध घुसपैठ पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठिए दिल्ली की सुरक्षा, जनसंख्या संतुलन और स्थानीय रोजगार पर बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। एक ओर ये लोग चोरी-छिपे दिल्ली में प्रवेश करते हैं तो दूसरी ओर चोरी, चाकूबाजी को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। ये फर्जी नामों से रहते हैं। इन लोगों के पास आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज भी हैं जो नियमों के विरुद्ध हैं। इनकी मदद से न केवल ये दिल्ली की राजनीति को प्रभावित कर रहे हैं बल्कि मूल निवासियों के हक और सुविधाओं का भी अतिक्रमण कर रहे हैं। जिन एजेंसियों या व्यक्तियों ने इनके दस्तावेज बनवाने में मदद की है उन पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए।
जीटीबी अस्पताल में सुविधाओं का अभाव
आप विधायक वीर सिंह धींगान ने गुरु तेग बहादुर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह दिल्ली ही नहीं बल्कि उत्तर भारत के अनेक राज्यों से आने वाले मरीजों के लिए प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। इसके बावजूद अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव है। अस्पताल की ओपीडी प्रतिदिन करीब 3500 मरीजों की है और बड़ी संख्या में मरीज भर्ती रहते हैं। फिर भी वहां एक भी एमआरआई मशीन नहीं है। कई बार टेस्ट में देरी से मरीजों को इलाज में दिक्कत होती है। कई मामलों में रेफर करना पड़ता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकार बनने के बाद अस्पताल का दौरा किया था जिससे उम्मीद जगी थी कि हालात सुधरेंगे पर कुछ नहीं हुआ।
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कूड़ा प्रबंधन अव्यवस्था पर नीति निर्धारण की मांग
पूर्वी दिल्ली के भाजपा विधायक अभय वर्मा ने क्षेत्र की कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विकास मार्ग, मदर डेयरी रोड और पटपड़गंज रोड जैसे व्यस्त पीडब्ल्यूडी मार्गों पर एमसीडी ने दो से ढाई साल पहले भारी-भरकम लोहे के डस्टबिन रखे जिससे न केवल गंदगी फैल रही है बल्कि यातायात में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। प्रधानमंत्री स्वच्छता मिशन के तहत दिल्ली में सैकड़ों ढलाव घरों को खत्म कर वहां कॉम्पेक्टर मशीनें लगाई गईं थीं ताकि कूड़ा सीधे मशीनों में जाकर निस्तारित किया जा सके लेकिन निजी ठेका एजेंसी ने इस व्यवस्था को दरकिनार करते हुए सड़कों पर फिर से डस्टबिन लगवा दिए जिससे कूड़ा बिखरता है। सफाई व्यवस्था चरमरा जाती है।
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