शाहबेरी मामले में स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग
ग्रेटर नोएडा। शाहबेरी के कई खरीदारों ने रविवार को मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। उनका यह भी कहना है कि पुराने दर्ज मुकदमों की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।
खरीदार सचिन राघव, अभिनव खरे, मीना मोहपात्रा ने पत्र में लिखा कि कुछ खरीदारों की शिकायत पर ही एफआईआर दर्ज हुई है। पुराने मामलों की जांच भी अभी तक किसी नतीजे तक नहीं पहुंची है। ऐसे में जांच निष्पक्ष एजेंसी को सौंपी जानी चाहिए। अवैध निर्माण के समय तैनात रहे जिलाधिकारी, रजिस्ट्रार, विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी, प्राधिकरण के सीईओ, एसीईओ, सीनियर मैनेजर, मैनेजर, इंजीनियर, बिसरख थाना क्षेत्र में तैनात रहे पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। खरीदारों ने शाहबेरी के अवैध घरों के बदले वैध और सुरक्षित घर देने की की मांग की है।
बैंकों से मांग रहे जवाब
खरीदारों ने बताया कि वे बैंकों से नोटिस, ईमेल व फोन के माध्यम से पूछ रहे हैं कि शून्य रजिस्ट्री बंधक (गिरवी) कैसे रखी गई? बैंक ने अपनी लीगल और आर्किटेक्ट की रिपोर्ट में क्या लिख रखा है? यह रिपोर्ट खरीदारों को क्यों नहीं दी जा रही? जब 1994 में शाहबेरी, प्राधिकरण के क्षेत्र में आ चुका था तो बैंकों ने अथॉरिटी से पास नक्शा क्यों नहीं मांगा?
ऑडियो वायरल
एक खरीदार और बैंक प्रबंधक के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें प्रबंधक, ईएमआई जमा करने के लिए फोन करता है तो खरीदार भड़क जाता है। पिछले एक साल से सवालों के जवाब मांग रहा खरीदार करता है कि मेरी बिल्डिंग वैध करा दो और गुणवत्ता की गारंटी लो, तभी ईएमआई दूंगा। अवैध फ्लैट के लिए ईएमआई क्यों दें।