माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। रमजान में अफगानी टोपी की मांग सबसे ज्यादा है। सेक्टर-8, 12 और पुराने बाजारों में नमाजियों की पसंद को देखते हुए अलग-अलग डिजाइन और कढ़ाईदार टोपियां सजाई गई हैं।
सेक्टर-8 में टोपी विक्रेता मोहम्मद वसीम ने बताया कि इस साल खास तौर पर सफेद, क्रीम और हल्के भूरे रंग की अफगानी टोपियां युवाओं को पसंद आ रही हैं। साधारण सूती टोपी 100 से 150 रुपये में उपलब्ध है। कढ़ाईदार और डिजाइनर अफगानी टोपी 250 से 500 रुपये तक बिक रही है। इन टोपियों की खासियत इनकी गोल बनावट, महीन धागों से कढ़ाई और आरामदायक कपड़ा है जो लंबे समय तक पहनने में भी सहज महसूस होता है।
इसके अलावा ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह से प्रेरित डिजाइन वाली ख्वाजा गरीब नवाज टोपी, अल्लाह नाम लिखी टोपी भी खास पसंद की जा रही है। इस टोपी पर सुनहरी और हरे धागों से जालीदार कढ़ाई की जाती है, जो इसे पारंपरिक और आकर्षक लुक देती है। बरकाती टोपी भी बाजार में अच्छी बिक्री दर्ज कर रही है। इसकी पहचान ऊंची गोलाई और घनी कढ़ाई से होती है, जिसे खास मौकों पर पहना जाता है।
हर साइज में मिल रही टोपी
दुकानदारों का कहना है कि रमजान के दौरान टोपी की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में तीन से चार गुना तक बढ़ जाती है। रोजाना करीब एक दर्जन टोपी बिक रही है। कई लोग अपने और बच्चों के लिए एक से अधिक टोपियां खरीद रहे हैं। बच्चों के लिए रंगीन और हल्के कपड़े की टोपियां 80 से 150 रुपये तक में मिल रही हैं।
जरकन की कढ़ाई वाली टोपी
व्यापारियों के अनुसार, कुछ लोग टोपी की चमक धमक को भी खूब पसंद करते हैं। ऐसी चमकदार जरकन वाली टोपियां 200 से 500 तक में उपलब्ध हैं। युवा इसे खूब पसंद करते हैं।
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बाजार में बढ़ी रौनक
रबूपुरा (संवाद)। क्षेत्र के बाजार में कपड़ों, टोपी, इत्र, खजूर और सेवाइयों की दुकानों पर खासी भीड़ दिख रही है। खास तौर पर इफ्तार से पहले फल, खजूर और पकवानों की दुकानों पर रोजेदारों की संख्या बढ़ जाती है। सेब, अंगूर, संतरे, तरबूज, पपीते की मांग भी काफी बढ़ गई है। सेवई, बेसन, और चिप्स की दुकानों पर भी काफी भीड़ देखी जा रही है। रेडीमेड कपड़ों कुर्ता, पजामा और टोपियों की दुकानों पर भी खरीदारी तेज हो गई है।