कैंसर के सटीक और व्यक्तिगत उपचार पर मंथन, 170 से अधिक विशेषज्ञ जुटे
- जीबीयू में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ, एआई और आधुनिक शोध तकनीकों पर हुई चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में बृहस्पतिवार से तीन दिवसीय 21वां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘इमर्जिंग फ्रंटियर्स इन कैंसर रिसर्च’ शुरू हुआ। इसमें देश-विदेश के 170 से अधिक वैज्ञानिक, शोधकर्ता और चिकित्सक हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में कैंसर की रोकथाम, शुरुआती जांच और सटीक उपचार की आधुनिक तकनीकों पर चर्चा की जा रही है।
यह सम्मेलन 29 से 31 अक्तूबर तक आयोजित होगा। इसका मुख्य विषय ''मॉलिक्यूलर मैकेनिज्म्स टू पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट्स'' है। कार्यक्रम में कैंसर के विकास से जुड़ी आणविक प्रक्रियाओं को समझने पर जोर दिया जाएगा। शोध के निष्कर्षों को बेहतर उपचार में बदलने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। वैज्ञानिक सत्रों में प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी, कैंसर इम्यूनोथेरेपी और ट्यूमर मेटाबॉलिज्म जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग की भूमिका पर भी चर्चा हुई।
उपचार और जागरूकता पर जोर
जीबीयू के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य कैंसर अनुसंधान में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाना है। यह वैज्ञानिकों को नए शोध निष्कर्ष साझा करने का मंच प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि कैंसर से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करना आवश्यक है। जीबीयू और जिम्स द्वारा ग्रामीण इलाकों में शिविर लगाकर जागरूकता फैलाई जा रही है। सम्मेलन में कैंसर के उपचार को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विचार किया जाएगा।
आयोजन में प्रमुख भूमिका
इस सम्मेलन में मरीजों की व्यक्तिगत जैविक विशेषताओं के आधार पर चिकित्सा पद्धति विकसित करने पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। सम्मेलन का आयोजन शिव नादर इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस और अमेरिका के रोसवेल पार्क कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर के सहयोग से हो रहा है। रटगर्स हेल्थ न्यू जर्सी मेडिकल स्कूल और कैंसर रिसर्च एंड केयर अकादमी भी इसमें सहयोगी हैं। डीन प्रो. राजीव वार्ष्णेय की अकादमिक नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका है। सम्मेलन का समापन कार्यक्रम 31 अक्तूबर को शिव नादर इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस में होगा। प्रो. एस. धनलक्ष्मी और शिव नादर इंस्टीट्यूशन ऑफ एमिनेंस के प्री-वाइस चांसलर प्रो. संजीव गलांडे संयोजक हैं। डॉ. रेखा पुरिया और डॉ. आशीष गुप्ता सह-संयोजक हैं। अमेरिका के रोसवेल पार्क कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर के प्रो. ध्यान चंद्र और रटगर्स कैंसर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यू जर्सी के प्रो. रेमंड बिगें अंतरराष्ट्रीय संयोजक हैं।
कैंसर सम्मेलन में पुरानी चिकित्सा पद्धतियों की प्रदर्शनी
ग्रेटर नोएडा (संवाद) । जीबीयू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कैंसर सम्मेलन में पुरानी चिकित्सा पद्धतियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इसमें दर्शाया गया है कि पहले के समय में मरीजों के इलाज को सरल बनाने के लिए किस तरह की तकनीकों और तरीकों का इस्तेमाल किया जाता था। प्रदर्शनी के माध्यम से चिकित्सा क्षेत्र में समय के साथ हुए बदलावों और उपचार की पद्धतियों के विकास को समझने का अवसर मिल रहा है। सम्मेलन में शामिल वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और विद्यार्थियों के लिए यह प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।