50 से अधिक शोध पत्र हुए प्राप्त, नवाचार, स्टार्टअप और समावेशी विकास पर जोर
-नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें युवा
ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क-2 स्थित जीएनआईओटी एमबीए संस्थान में आईक्यूएसी के तत्वावधान में ‘आत्मनिर्भर भारत : नवाचार, उद्यमिता, स्थिरता और समावेशी विकास’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं ने आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में नवाचार, तकनीक और युवाओं की भूमिका पर विचार साझा किए।
संस्थान के चेयरमैन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता और वाइस चेयरमैन गौरव गुप्ता ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को शोध, नवाचार और उद्यमिता के लिए प्रेरित करते हैं। इससे युवा रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। निदेशक डॉ. अंशुल शर्मा ने बताया कि सम्मेलन के लिए देश के विभिन्न राज्यों से 50 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए। शैक्षणिक संस्थानों को विद्यार्थियों में शोध और उद्यमिता की सोच विकसित करने पर जोर देना चाहिए।तकनीकी सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधुनिक तकनीक, स्टार्टअप, एमएसएमई, महिला एवं ग्रामीण उद्यमिता, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल विकास जैसे विषयों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नवाचार और समावेशी विकास को आवश्यक बताया। समापन समारोह में उत्कृष्ट शोध पत्र प्रस्तुत करने वालों को सम्मानित किया गया। संवाद