नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी में बायो-मेडिकल कचरे के प्रबंधन को और सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को दो नए आधुनिक बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए पारदर्शी और समयबद्ध टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
उनके मुताबिक, समीक्षा के दौरान सामने आया है कि मौजूदा समय में दो बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट यूनिट राजधानी में रोजाना पैदा होने वाले कचरे को संभालने में सक्षम नहीं हैं। पड़ोसी राज्यों में कम आबादी के बावजूद अधिक प्लांट की उपलब्धता को देखते हुए निलोठी प्लांट के स्थान पर दो नए अत्याधुनिक प्लांट स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इनकी स्थापना के लिए भूमि, तकनीक, लॉजिस्टिक्स और क्षमता पर व्यापक अध्ययन किया गया है। नए प्लांट की स्थापना 10 वर्ष की अवधि के लिए होगी। नेशनल प्रोडक्टिविटी काउंसिल इस प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाने में सहयोग करेगा। तीन महीनों के भीतर बिड मूल्यांकन और लेटर ऑफ अवॉर्ड जारी होंगे ताकि कार्य शीघ्र शुरू हो सके। संवाद