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Noida News: पांच नहीं, छह दिन तक मनाया जाएगा दीपोत्सव

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अमावस्या तिथि की शुरुआत 20 अक्तूबर दोपहर 3:44 से 21 की शाम 5:54 बजे तक रहेगी
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संवाद न्यूज एजेंसी

ग्रेटर नोएडा। दिवाली महोत्सव इस बार पांच के बजाय छह दिन तक मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य और पंडितों के अनुसार, दीपोत्सव का शुभारंभ धनतेरस से होता है और यह भाई दूज तक मनाया जाता है लेकिन तिथि के बढ़ने के कारण इस बार यह छह दिनों का त्योहार हो गया है। शीतला माता शनि धाम मंदिर नवादा के ज्योतिषाचार्य शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि दीपोत्सव की शुरुआत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से होती है और शुक्ल पक्ष की द्वितीय तक चलता है। इस दौरान धनतेरस, नरक चतुर्दशी, दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है।
पंडितों के अनुसार इस बार दीपोत्सव 18 को धनतेरस से लेकर 23 अक्तूबर को गोवर्धन पूजा तक मनाया जाएगा। कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 18 अक्तूबर को दोपहर 12:18 बजे से होगी और समापन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर 19 अक्तूबर को दोपहर 1:51 बजे होगा। छोटी दीपावली (नरक चतुर्दशी) 19 अक्तूबर को मनाई जाएगी। 19 को इसकी शुरुआत दोपहर 1:51 बजे होगी और 20 अक्तूबर को दोपहर 3:44 बजे समापन होगा।
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वहीं, 20 अक्तूबर को अमावस्या तिथि की शुरुआत दोपहर 3:44 बजे से लेकर 21 अक्तूबर को शाम 5:54 बजे तक रहेगी। लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त 07:08 से 08:18 बजे शुभ है। गोवर्धन पूजा 22 अक्टूबर को होगी। शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 21 को शाम 05:54 बजे से शुरू होकर 22 अक्तूबर को रात 8:16 बजे तक रहेगी। भाई दूज का पर्व 23 अक्तूबर को मनाया जाएगा। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि की शुरुआत 22 को रात 08:16 बजे होगी और 23 अक्तूबर रात्रि 10:46 बजे समापन होगा। भाईदूज का मुहूर्त दोपहर 01:13 बजे से शाम 03:28 बजे तक शुभ हैं।


20 अक्तूबर को मनाई जाएगी दिवाली, 22 को गोवर्धन

पुजारी आरडी तिवारी ने बताया कि दिवाली पर्व मनाने के लिए अमावस्या तिथि रात भर होनी चाहिए जिसे निशीथ व्यापिनी अमावस्या कहते हैं और यह महानिशा पूजा के लिए उत्तम मानी जाती है। जोकि दिवाली के दिन ही होती है। ये सभी संयोग 20 अक्तूबर की रात ही बन रहे हैं, इसलिए लक्ष्मी पूजा, प्रदोष काल का दीप पूजन और महानिशा पूजा ये सभी कुछ 20 अक्तूबर की शाम से रात तक हो जाएंगे। वहीं, 21 अक्तूबर की तारीख में भी सुबह से शाम तक अमावस्या ही है। इसलिए गोवर्धन की पूजा 22 अक्तूबर और भाईदूज पर्व 23 अक्तूबर को मनाया जाएगा।
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कब करें खरीदारी
ज्योतिषाचार्य शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि धनतेरस की खरीदारी सिर्फ आर्थिक निवेश नहीं, वह आपकी आस्था, विश्वास और समृद्धि की शुरुआत होती है। इसलिए शुभ मुहूर्त और राशि-सम्मत वस्तु का चयन करें। वस्तुओं को खरीदने का मुहूर्त 18 अक्तूबर दोपहर 1:20 बजे से अगले दिन 1:54 बजे तक हर राशि के व्यक्ति के लिए शुभ होगा। खरीदारी करते समय ध्यान रखें कि वस्तु नई हो, उपयोग की न हो और उचित मुहूर्त में खरीदी जाए।
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