नोएडा। फेज-2 कोतवाली क्षेत्र में हौजरी कांप्लेक्स स्थित एक रेडीमेड गारमेंट्स कंपनी में सोमवार को सीवर की सफाई करने उतरे दो कर्मचारियों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों सूरजपुर में किराये पर रहकर करीब तीन माह से कंपनी में काम कर रहे थे।
कोतवाली प्रभारी सुजीत उपाध्याय ने बताया कि मूलरूप से बुलंदशहर के बादशाहपुर पचगांई थाना शिकारपुर निवासी सोनू (30) और एटा के चपराई सिकंदरपुर, थाना सकीट निवासी श्याम बाबू पुत्र किशनलाल (43) मार्च से रेडीमेड गारमेंट्स की कंपनी में सफाई कर्मचारी के रूप में काम कर रहे थे। सोमवार शाम को दोनों अन्य साथी के सहयोग से कंपनी के बाहर सीवर की सफाई कर रहे थे। इस दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से सोनू बेहोश हो गया। उसे बचाने के लिए श्याम बाबू अन्य साथी की मदद से सीवर में उतरा तो उसकी भी हालत खराब हो गई।
तीसरे साथी ने कंपनी के अन्य लोगों के सहयोग से दोनों को बाहर निकाला। अस्पताल पहुंचने से पहले ही सोनू की मौत हो गई, जबकि श्याम बाबू को कैलाश अस्पताल में देर रात उपचार के दौरान मौत हो गई। मंगलवार को दोनों के परिजनों के पहुंचने पर पोस्टमार्टम कराकर शव सौंप दिए गए। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि परिजनों व कंपनी प्रबंधन में मुआवजा व समझौते की बात चल रही है। अभी तक मामले की लिखित शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पड़ रही भारी
सीवर में उतरने से मौत की कई घटनाओं के बावजूद लापरवाही सफाई कर्मचारियों की जान पर भारी पड़ रही है। प्राधिकरण व कंपनी प्रबंधन सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करवा रहे हैं। पूर्व में 3 मई 2019 को सेक्टर-39 कोतवाली क्षेत्र के सलारपुर में भी दो सफाई कर्मचारियों की सीवर में उतरने से मौत हो गई थी। शवों को एनडीआरएफ की मदद से बाहर निकाला गया था। इसके अलावा 25 जुलाई 2021 को सेक्टर-6 में खेलते समय एक गेंद सीवर से निकालने के प्रयास में दो युवकों की मौत हो गई थी।