संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र से पत्नी का नाम फैमिली आईडी व राशन कार्ड से कटवाने के आरोप में पति को पुलिस ने नामजद कर लिया। हालांकि मामला मई में ही प्रशासन के संज्ञान में आ गया था। इसमें बूड़िया पुलिस ने अब मुकदमा दर्ज किया है। महिला की शिकायत पर उसके पति को बीएनएस की धारा 336-340 में आरोपी बनाया गया है।
शिकायत में बूड़िया निवासी समीना ने बताया कि उसका निकाह करनाल जिले के सोतजांबा गांव निवासी लियाकत से हुआ था। निकाह के बाद बूड़िया के पास स्थित गांव दयालगढ़ में रह रहे थे। निकाह के बाद उन्हें एक बेटा व दो बेटियां हुई। परिवार की फैमिली आईडी में सभी के नाम शामिल थे। वर्ष 2016 में लियाकत ने तीन तलाक बोलकर उसे घर से निकाल दिया। कुछ समय बाद लियाकत ने दूसरा निकाह कर लिया। पति के खिलाफ कोर्ट में केस लगाया और बूड़िया में किराये के घर में बच्चों संग रहने लगी। लियाकत से कुछ समय अलग रहने के बाद उसका (समीना) फैमिली आईडी से नाम कट गया। फैमिली आईडी में नाम जुड़वाने के लिए करीब तीन साल भटकती रही। इस दौरान राशन व अन्य सरकारी सुविधा से वंचित रहना पड़ा।
बाद में पता चला कि पति लियाकत व अन्य लोगों की मदद से उत्तरप्रदेश के सहारनपुर के सरसावां स्थित सामुदायिक केंद्र से उसका (समीना) फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाया। इस फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र से उसे (समीना) मृत दिखाते हुए फैमिली आईडी व राशन कार्ड से नाम कटवा दिया। प्रमाणपत्र में मृत्यु का स्थान भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसावा दिखाया गया। समीना का आरोप है कि पति व ससुराल पक्ष ने ऐसा इसलिए किया कि कहीं भविष्य में वह उनकी किसी भी प्रकार की संपत्ति में हिस्सा न मांग ले। मामले में पांच माह पहले डीसी को शिकायत दी। तब डीसी ने मामले की जांच एडीसी कार्यालय के नागरिक संसाधन सूचना विभाग के अधिकारियों को दी थी।
अधिकारियों ने निवास स्थान पर जांच करने पर पाया कि फैमिली आईडी में मृत दिखाई समीना जीवित है। तब उसका नाम फैमिली आईडी में जोड़ा गया और उसे फिर से सरकारी राशन मिलने लगा। अब मामले में समीना की शिकायत पर बुड़िया पुलिस ने उसके पति लियाकत को नामजद कर लिया है। जांच अधिकारी मनीश कुमार का कहना है कि शिकायत पर जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।