नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण ने जहांपनाह सिटी फोरेस्ट में गुरु रविदास मंदिर निर्माण के लिए भूमि उपयोग में परिवर्तन की अनुमति दे दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर डीडीए ने अगस्त 2019 में मंदिर को तोड़ दिया था। इसके बाद दिल्ली व पंजाब में दलित समुदाय के नेताओं व लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था। इसके स्थानों हिंसक झड़पें भी हुई थीं।
मंदिर निर्माण के लिए 400 वर्ग मीटर भूमि को मनोरंजन श्रेणी से अर्ध सार्वजनिक श्रेणी में लाने का निर्णय ऑनलाइन बैठक में लिया गया है। बैठक का आयोजन डीडीए चेयरमैन उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में किया गया। डीडीए ने पुराने स्थान पर ही भूमि का आवंटन किया है।
डीडीए ने अक्तूबर 2020 में मंदिर निर्माण के लिए भूमि आवंटन का प्रस्ताव पारित किया था। इसके साथ भूमि उपयोग परिवर्तित करने की भी सिफारिश की थी। मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धालुओं की 11 सदस्य समिति भी बनाई गई थी। प्राधिकरण ने गत 9 अक्टूबर 2020 को बैठक में भूमि उपयोग परिवर्तन के प्रस्ताव को अनुमोदित कर दिया था और जनता से आपत्ति और सुझाव भी आमंत्रित किए थे।
अब बोर्ड की बैठक में डीडीए ने गुरु रविदास मंदिर भूमि उपयोग परिवर्तन के प्रस्ताव केंद्रीय मंत्रालय के लिए भी अनुमोदित कर दिया है। अब इस प्रस्ताव को अधिसूचना के लिए आवासीय शहरी कार्य मंत्रालय के पास भेजा जाएगा। उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से मंदिर निर्माण के लिए भूमि आवंटन की जानकारी ट्वीट के माध्यम से दी गई।