(साइड स्टोरीः प्रेम प्रसंग हत्या)
-दो नाबालिग पुत्रों की पढ़ाई और परिवार की रोटी पर संकट
मोहम्मद बिलाल
ग्रेटर नोएडा। पिता और पुत्री की एक साथ मौत से गांव और परिवार में मातम का माहौल है। पड़ोसियों का कहना है कि अशोक कुमार शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा सकते हैं।
भरतपुर राजस्थान के रहने वाले मृतक के साले ने योगेश कुमार ने बताया कि करीब बीस साल पहले बहन की शादी अशोक कुमार के साथ हुई थी। उस वक्त किसी ने नहीं सोचा था कि उनका परिवार एक दिन इतनी बड़ी त्रासदी झेलेगा। अशोक कुमार और उनकी बेटी की अचानक मौत से न सिर्फ घर की खुशियों को खत्म कर दिया। बल्कि रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया। वह अपनी मेहनत की कमाई से परिवार चला रहे थे। उनकी पुत्री भी कंपनी में काम कर घर खर्च में हाथ बंटाती थी। अब दोनों की मौत के बाद घर में कमाने वाला कोई नहीं बचा है। बहन घरेलू महिला हैं और दो छोटे पुत्र अभी पढ़ाई कर रहे हैं। पुत्री ने पढ़ाई छोड़कर मजबूरी में काम करना शुरू किया था। जिससे घर का गुजारा चलता था।
तनाव ने छीन ली ज़िंदगियां
गांव में हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक साथ दो जानें चली गईं। इस घटना ने परिवार को तोड़कर रख दिया है। गांव में मातम पसरा हुआ है। पुत्री की मौत से मां सदमे में हैं। वहीं दो छोटे बेटे भविष्य को लेकर डरे-सहमे हैं। अशोक कुमार और उनकी पुत्री की मौत से घर के चूल्हे की आग बुझ गई है। दो नाबालिग पुत्रों की पढ़ाई और पालन-पोषण का भी संकट खड़ा हो गया है। घर चलाने के लिए न तो कोई कमाने वाला बचा है न ही कोई स्थायी आमदनी का जरिया।