कन्नौज। मानीमऊ क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार को एक घर के बाहर धूप में प्रतिबंधित आतिशबाजी सूख रही थी। तभी वहां दो-तीन बकरियां झगड़ते हुए पहुंच गईं। इस दौरान एक बकरी सूख रही आतिशबाजी पर गिर गई और उसी समय तेज धमाका हो गया। धमाके की आवाज आसपास के दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। आतिशबाजी की चपेट में कई मवेशी घायल हो गए।
मानीमऊ रेलवे क्रासिंग के पास बसे गांव में मोहम्मद हसन का मकान रेलवे लाइन के नजदीक है। उनके मकान के चबूतरे पर मंगलवार दोपहर को तेज धमाका हुआ। जिसकी आवाज दो किलोमीटर के एरिया में सुनाई दी। आसपास रहने वाले लोग धमाके की आवाज सुनकर घरों के बाहर आ गए। चबूतरे पर कुछ बकरियां घायल पड़ी दिखाई दीं। घटना की जानकारी मिलते ही मानीमऊ चौकी पुलिस और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। यहां पुलिस टीम को हाथ से पटक कर फोड़ने वाले दैमार पटाखे बिखरे मिले। घर पर कोई पुरुष नहीं मिला। मां-बेटी से पूछताछ कर और बारूद वाले पटाखे लेकर पुलिस टीम वापस लौट गई। यहां धमाके के एक घंटे बाद तक भीड़ लगी रही। धमाके से मोहम्मद हसन के पड़ोसी कुलदीप के तीन मंजिला मकान का प्लास्टर चटक गया। सीओ सिटी अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। आतिशबाजी को जांच के लिए भेज दिया गया है।
इनसेट
बिधूना में आतिशबाजी का काम करते मोहम्मद हसन
धमाके की आवाज से सहमे मोहल्ले के लोगों ने बताया कि मोहम्मद हसन औरैया जिले के बिधूना के रहने वाले हैं। यहां उन्हें अपनी ससुराल में जमीन मिली। जिस पर मकान बनाकर वह रहने लगे। बताया गया कि यहां भी चोरी-छिपे वह देशी पटाखे बनाने का काम करते हैं। बताया गया कि हाथ से दैमार पटाखे बनाने के बाद उन्हें सुखाने के लिए चबूतरे पर रखा था।
इनसेट
बकरियों के कूदने से हुआ विस्फोट
लोगों ने बताया कि प्रतिबंधित दैमार पटाखों को सुखाने के लिए एक झोले में भरकर धूप में रखा गया था। पटाखे धूप में रखने के बाद मोहम्मद हसन की पत्नी आसमा और बेटी रीना पड़ोसी के घर चली गईं। कुछ देर में उनके चबूतरे पर बकरियां पहुंच गईं। यहां एक-दूसरे से लड़ते हुए बकरियां उसी झोले पर गिर गईं, जिसमें दैमार पटाखे रखे थे। बकरियों के गिरते ही धमाके के साथ विस्फोट हो गया।
इनसेट
पास में ही रेलवे लाइन निकली
मोहम्मद हसन के मकान से चार या पांच मीटर की दूरी पर रेलवे लाइन निकली हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कानपुर-कासगंज रेलवे ट्रैक के पास मकान में विस्फोटक सामग्री रखी थी और चौकी पुलिस को इसकी भनक तक नहीं थी। ट्रेन के गुजरते वक्त धमाका होने से बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि पुलिस इसको मामूली घटना बताकर दबाने के प्रयास में जुट गई।