नोएडा। जिले में एटीएम को हैक करने की पहली घटना सामने आई है। साइबर ठगों ने सेक्टर-65 स्थित बहलोलपुर गांव के एक्सिस बैंक के एटीएम को मालवेयर सॉफ्टवेयर से हैक कर लिया और 9.60 लाख रुपये निकाल लिए। जब बैंक की तरफ से ऑडिट हुआ तो इस रकम का हिसाब नहीं मिला। इसके बाद आंतरिक जांच में घटना का खुलासा हुआ। मामले में कोतवाली फेज तीन पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुलिस के अनुसार, नंबरदार मार्केट में एक्सिस बैंक का एटीएम है। इसमें पैसे डालने से लेकर अन्य तरह के काम यूरोनेट सर्विसेज इंडिया कंपनी के पास है। कुछ दिनों पहले जब बैंक की तरफ से ऑडिट हुआ तो पता चला कि इस एटीएम से 9.60 लाख रुपये इधर से उधर हुए हैं। आंतरिक जांच और सीसीटीवी फुटेज में पता चला कि दो माह पहले बूथ में कुछ लोग घुसे थे और एटीएम के ऊपरी हिस्से को मास्टर चाबी से खोल दिया था। इसके बाद सॉफ्टवेयर डाल दिया था। इससे कंप्यूटर का ऑपरेशन हैकर्स के हाथ में चला गया और रुपये निकाल लिए गए। मामले के खुलासे के बाद यूरोनेट सर्विसेज इंडिया के वकील शहजाद अली की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
साइबर क्राइम की टीम पहुंची जांच करने
सोमवार रात को मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मंगलवार को साइबर सेल व बैंक की एक्सपर्ट टीम मौके पर पहुंची और जांच की। मामले में पुलिस कई तकनीकी विशेषज्ञों से भी राय मशविरा कर हैकर्स का पता लगा रही है।
सीसीटीवी में दिख रहे आरोपी
सीसीटीवी फुटेज में साइबर हैकर साफ दिखे हैं। आरोपी मशीन के ऊपरी हिस्से को खोलते और कुछ डालते दिख रहे हैं। मालवेयर सॉफ्टवेयर को डालने के बाद आसानी से मशीन से नोट निकलते दिख रहे हैं।
गाजियाबाद में भी दी थी वारदात अंजाम
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इसी गिरोह ने गाजियाबाद के नंद ग्राम स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम से भी 17.50 लाख रुपये निकाले थे। गाजियाबाद में भी इस तरह की पहली घटना थी जिसकी जांच अभी चली रही है। नोएडा और गाजियाबाद दोनों की घटनाएं एक-दो दिन आगे पीछे ही हुई हैं और दोनों के पीछे एक ही गिरोह है। खास बात यह भी है कि दोनों घटनाएं एक्सिस बैंक में ही हुई हैं।
क्या होता है मालवेयर सॉफ्टवेयर
यह एक हानिकारक कंप्यूटर सॉफ्टवेयर है। इसका इस्तेमाल सामान्य तौर पर कंप्यूटर पर किसी कंटेंट या अन्य तरह की चीजों की चोरी करने या गोपनीय जानकारी में सेंध लगाने के लिए किया जाता है। धीरे-धीरे साइबर हैकर इसका इस्तेमाल बैंकों के एटीएम पर करने लगे हैं। इसे एटीएम में डालते हैं तो यह पूरे सिस्टम को गड़बड़ कर देता है।