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कोवाक्सिन का स्टॉक भी खत्म, आज नहीं लगेगा सरकारी केंद्रों पर टीका

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नोएडा। जिले में टीकाकरण अभियान गड़बड़ा गया है। सोमवार को कोविशील्ड खत्म होने से सरकारी अस्पतालों में टीका लगना बंद हो गया। वहीं, मंगलवार को कोवाक्सिन का स्टाक भी खत्म हो गया। ऐसे में बुधवार के लिए वैक्सीनेशन की प्रक्रिया पूरी तरह रोक दी गई है। एक भी सरकारी अस्पताल में टीका नहीं लगेगा। लोगों को अब 5 और 6 जुलाई की तारीख दी गई हैं। वहीं, मंगलवार को जिला अस्पताल व अन्य सरकारी अस्पतालों पर बड़ी संख्या में लोग टीकाकरण के लिए पहुंचे, लेकिन टीका नहीं लगने से आक्रोशित भीड़ ने कई जगह हंगामा किया। पुलिस ने किसी तरह सभी को समझाकर घर भेजा।
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जिले में सैकड़ों लोगों के मंगलवार को सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण के लिए स्लॉट बुक थे। सोमवार देर रात कोविशील्ड की कमी के कारण मंगलवार के लिए टीकाकरण स्थगित कर दिया गया था, लेकिन जिन लोगों के मंगलवार को स्लॉट बुक थे। उन्हें 5 जुलाई तारीख का स्लॉट कर दिया गया है। इसकी जानकारी होने पर कई लोग तो अस्पतालों में नहीं आए, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों को समय से स्लॉट चेंज की जानकारी नहीं मिल सकी और वह केंद्रों पर पहुंच गए। इसके बाद सरकारी अस्पतालों में लोगों की भीड़ लगने लगी। सरकारी अस्पतालों में बिना पूर्व रजिस्ट्रेशन ऑन स्पॉट टीकाकरण की व्यवस्था भी शुरू की गई थी। ऐसे में भी कई लोग पहुंच गए। जबकि वह भी बंद हो गया है। ऐसे में सैकड़ों लोगों को जिला अस्पताल व अन्य सरकारी अस्पतालों से हताश लौटना पड़ा।
बैरिकेडिंग से नहीं संभले हालात, कर्मियों से कहासुनी
जिला अस्पताल में टीकाकरण के लिए आने वालों को रोकने के लिए सुबह से ही बैरिकेडिंग लगा दी गई थी। साथ ही, अस्पताल प्रबंधन ने गार्डों को तैनात कर दिया जो अस्पताल आने वालों को टीकाकरण बंद होने की सूचना दे रहे थे। अस्पताल में जगह-जगह इस संबंध में नोटिस चस्पा किए गए थे। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अंदर घुस गए। लोगों का गुस्सा गार्ड व अन्य स्टाफ पर निकला। कई जगह कहासुनी हुई। जिला अस्पताल में बड़ी मशक्कत से सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल व पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति पर नियंत्रण किया। वहीं, कई कंपनियां कर्मियों को टीकाकरण करवाकर ही काम पर आने के लिए कह रही हैं। ऐसे में कई कर्मचारी खासकर दिहाड़ी मजदूर टीकाकरण के लिए पहुंचे और नाराजगी जाहिर कर निराश लौट गए।
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कैसे चलेगा नियर टू होम टीकाकरण अभियान
शासन से वैक्सीन न मिलने से बुधवार को भी टीकाकरण स्थगित कर दिया गया है। जबकि 1 जुलाई से नियर टू होम अभियान चलने के दावे जारी हैं। वैक्सीन स्टॉक की हालत यह है कि बुधवार को टीकाकरण नहीं होगा। टीके की किल्लत के बीच नियर टू होम अभियान की सफलता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
5 व 6 जुलाई को लगेगी कोविशील्ड
कोविशील्ड के जिले में जिन लोगों ने 29 जून का स्लॉट बुक किया था, उन्हें 5 जुलाई को टीका लगेगा। जबकि 30 जून का स्लॉट बुक करने वालों को 6 जुलाई को टीका लगेगा। वहीं, 1 जुलाई से केंद्रों पर स्लॉट की अनिवार्यता खत्म होने की उम्मीद है। नियर टू होम अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की 143 टीमें गांव व सेक्टर-सोसायटियों में कैंप आयोजित कर लोगों को टीका लगाएंगी।
बच्चे भूखे रहेंगे टीका लगवा दो...
‘फेज-3 से सेक्टर-30 तक आते हैं। रोज 30-40 रुपये किराया खर्च हो जाता है। टीके के चक्कर में दिहाड़ी भी चली जाती है। कंपनी मालिक ने बोला है कि टीका। जब तक कंपनी में काम करने नहीं जाएंगे दिहाड़ी मजदूरी नहीं मिलेगी अब ऐसे में बिना पैसे खर्च कैसे चलेगा बच्चे भूखे रहेंगे। दया करके हमें टीका लगवा दो’ यह कहना है संतोष सिंह का। संतोष निजी कंपनी में दिहाड़ी मजदूर हैं। मंगलवार को वह हर अस्पताल स्टाफ के सामने टीका लगवाने के लिए गिड़गिड़ाते नजर आए, लेकिन व्यवस्था के आगे मजबूर अस्पताल स्टाफ कोई मदद नहीं कर सका।
जब टीका ही नहीं तो किसे करें जागरूक
जिला अस्पताल में 28 जून से तीन दिवसीय जागरूकता अभियान चलाया जाना था, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग 1 जुलाई से होने वाले टीकाकरण अभियान में शामिल हो सकें, लेकिन टीके की कमी के बीच अधिकारी कैसे कहां जागरूकता अभियान चलाएं और यदि चलाने जाते हैं तो लोगों के सवालों का क्या जवाब देंगे।
720 लोगों को लगी वैक्सीन
कोविशील्ड नहीं लगने और सिर्फ कोवाक्सिन होने से मंगलवार को सरकारी अस्पतालों में मात्र 720 लोगों का ही टीकाकरण हुआ। इस दौरान 6 केंद्रों पर 60 या उससे अधिक आयु के 23, 45 से 59 आयु के 125 एवं 18 से 44 साल के 560 लोगों को कोवाक्सिन की दूसरी डोज मिली। साथ ही, सात स्वास्थ्य कर्मी एवं 105 फ्रंटलाइन वर्कर को वैक्सीन लगी।
मंगलवार को सात केंद्रों पर कोवाक्सिन लगी। टीके की कमी से कोविशील्ड नहीं लग सकी। अब विभाग के पास कोवाक्सिन भी नहीं बची है। ऐसे में बुधवार को सरकारी अस्पतालों का टीकाकरण पूरी तरह स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
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- डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ
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