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Noida News: बीबीए व बीकॉम के छात्र उपलब्ध करा रहे साइबर ठगों को बैंक खाते

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बीबीए व बीकॉम के छात्र उपलब्ध करा रहे साइबर ठगों को बैंक खाते

-सूरजपुर कोतवाली पुलिस आपरेशन तलाश के तहत गिरोह के 5 सदस्यों को किया गिरफ्तार
-आरोपियों से 8 सिम कार्ड, 5 मोबाइल, 7 डेबिट कार्ड बरामद, 40 अकाउंट की जानकारी भी मिली
-जानकारी देने का 15000 रुपये और ट्रांजेक्शन पर एक प्रतिशत के कमीशन पर कर रहे थे काम
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें बीबीए और बीकॉम के छात्र भी शामिल हैं। जो बैठे-बैठे पैसे कमाने के लालच में आकर गिरोह के सदस्य बन गए। आरोपी एक खाते की जानकारी देने पर 15000 और उसमें ट्रांजेक्शन पर एक प्रतिशत कमीशन लेते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 8 सिम कार्ड, 5 मोबाइल, 7 डेबिट कार्ड, एक पैनकार्ड, एक चेक बुक और एक आधार कार्ड बरामद किया हैं।

डीसीपी सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने इंटेलिजेंस व गोपनीय सूचना पर मंगलवार रात घंटा चौक से 5 युवकों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान चनप्रीत सिंह (25 वर्ष) निवासी रूची लाइफ स्कैप्स जाटखेड़ी भोपाल, रणवीर सिंह (22 वर्ष) निवासी इंडस टाउन रोपल विलास मिसरोध भोपाल, जगमोहन (19 वर्ष) व नवीन (19 वर्ष) निवासी शमसाबाद विदिशा एमपी और आदित्य शर्मा (21 वर्ष) निवासी नाहरपुर गांव सेक्टर-7 रोहिणी के रूप में हुई हैं।
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आदित्य इस समय सूरजपुर कस्बे में रह रहा था। गिरोह का सरगना रणवीर सिंह है। रणवीर और चनप्रीत आसपास रहते है। चनप्रीत के माध्यम से जगमोहन व नवीन भी गिरोह से जुड़े। जबकि आदित्य रणवीर के संपर्क में था। वहीं अन्य से बैंक खाता, डेबिट कार्ड और प्री-एक्टिवेटेड सिम उपलब्ध करवाने का काम देता था। आदित्य की मदद से अन्य आरोपी फरार आरोपी को कागजात उपलब्ध कराते थे। जो साइबर ठगों के संपर्क हैं। उसकी तलाश की जा रही है।
40 अन्य अकाउंट की मिली जानकारी
डीसीपी ने बताया कि आरोपी एक संगठित गिरोह से जुड़े हैं। जो भारतीय नागरिकों को फर्जी गेमिंग, ट्रेडिंग एप के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट कर करोड़ों रुपये बैंक खातों में ट्रांसफार करा लेते हैं। आरोपी इस गिरोह के बैंक खाते व अन्य जानकारी उपलब्ध कराते थे। एक बैंक खाता उपलब्ध कराने पर 15000 रुपये का कमीशन लेते थे। साथ ही खाते में ट्रांजेक्शन पर एक प्रतिशत का कमीशन भी तय था। उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से जिन सात खातों की जानकारी मिली है। उनको फ्रीज करा दिया गया है। जबकि 40 अन्य अकाउंट की भी जानकारी मिली है। जिनमें लेनदेन हो चुका है। उनकी जानकारी ली जा रही हैं।

बैंक खाता धारकों के खिलाफ भी होगी कार्रवाई
डीसीपी का कहना है कि साइबर ठगी के लिए जिन बैंक खातों का प्रयोग हो रहा है। उनकी भी जांच की जा रही है। इन बैंक खाता धारकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। गिरोह के सदस्य बैंक खाता धारकों को भी एक प्रतिशत का कमीशन दे रहे हैं। बैंक खाते का प्रयोग साइबर क्राइम में होने पर खाता धारक भी जिम्मेदार है।
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पढ़ने के साथ पैसे कमाने के लालच में गिरोह से जुड़े

पुलिस ने बताया कि चनप्रीत बीकाॅम, नवीन बीए और रणवीर सिंह बीबीए का छात्र हैं। जबकि आदित्य नोएडा की एक कंपनी में नौकरी और जगमोहन खेती करता हैं। तीन छात्र बैठे-बैठे पैसा कमाने के लालच में आकर गिरोह से जुड़ गए। वो पैसे कमाकर अपने शौक पूरे करने लगे, लेकिन उनकी इस सोच ने उनको सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
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