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Noida News: साइबर हमले मौन हथियार हैं, जरा सी गलती बड़ी राष्ट्रीय क्षति में बदल सकती है

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- साइबर अटैक के चलते विशेषज्ञों ने दी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
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मोहम्मद बिलाल

ग्रेटर नोएडा। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के चलते साइबर अटैक की आशंका बढ़ गई है। इन साइबर हमलों का मकसद देश की सैन्य क्षमताओं, आर्थिक ढांचे और आम जनता के मनोबल को कमजोर करना है। इसलिए साइबर विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचे
वीआरएस प्राप्त आईपीएस व साइबर विशेषज्ञ त्रिवेणी सिंह का कहना है कि युद्ध केवल सीमा पर नहीं लड़ा जाता है। अब यह डिजिटल स्पेस में भी लड़ा जा रहा है। साइबर हमले मौन हथियार हैं जो बिना धमाके के देश को भीतर से हिला सकते हैं। इसलिए आम नागरिक सतर्क रहें। एक छोटी सी लापरवाही बड़ी राष्ट्रीय क्षति में बदल सकती है। डांस ऑफ हिलेरी नाम लिंक एक मालवेयर लिंक है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करता है, उसका मोबाइल या कंप्यूटर डिवाइस वायरस से संक्रमित हो सकता है। इससे साइबर अपराधी डिवाइस का नियंत्रण हासिल कर सकते हैं और निजी डाटा, बैंकिंग जानकारी या सोशल मीडिया अकाउंट्स तक पहुंच सकते हैं। लिंक पर क्लिक करते ही एक दुर्भावनापूर्ण कोड डिवाइस में इंस्टॉल हो जाता है। यह बैकग्राउंड में रहकर यूजर की हरकतों की निगरानी करता है।
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साइबर विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने बताया कि युद्ध के समय दुश्मन देश की रणनीति, सैनिकों की तैनाती, हथियारों की स्थिति आदि की जानकारी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसे हासिल करने के लिए सरकारी और सैन्य नेटवर्क पर साइबर हमले किए जाते हैं। बैंकों, ऊर्जा संयंत्रों, परिवहन और संचार नेटवर्क को निशाना बनाकर देश की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को बाधित किया जाता है। झूठी खबरें और अफवाहें फैलाकर जनता को डराया जाता है। जिससे वह सरकार के फैसलों पर शक करने लगें। इससे सामाजिक अस्थिरता उत्पन्न होती है। इसलिए सावधानी जरूरी है। किसी भी अंजान लिंक पर क्लिक नहीं करें।

कैसे रहें सुरक्षित

-किसी भी अनजान लिंक या वीडियो पर क्लिक न करें, चाहे वह आपके किसी जानने वाले ने ही क्यों न भेजा हो।

-अपने डिवाइस में एंटीवायरस सॉफ्टवेयर इंस्टॉल रखें और उसे नियमित अपडेट करते रहें।

-दो-स्तरीय सुरक्षा (2एफए) का उपयोग करें, खासकर बैंकिंग और सोशल मीडिया अकाउंट्स में।

-सरकारी या संवेदनशील वेबसाइट्स तक पहुंचते समय हमेशा सही यूआरएल की पुष्टि करें।

-अगर आप गलती से किसी संदिग्ध फाइल पर क्लिक कर चुके हैं और कोई नुकसान हो गया है, तो तुरंत नजदीकी थाने व 1930 शिकायत दर्ज कराएं।
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