यमुना सिटी में 60 मीटर रोड को मॉडल बनाएगी सीआरआरआई
यमुना प्राधिकरण ने सर्वे के लिए संस्थान से किया संपर्क
प्रमुख इंटरचेंज और टर्न को सुधारने के साथ ट्रैफिक प्रबंधन पर होगा काम
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर बनी हुई 60 मीटर रोड को माॅडल रोड में बदला जाएगा। इसके लिए यमुना प्राधिकरण ने सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट-सीआरआरआई से तकनीकी सहयोग मांगा है। एयरपोर्ट और प्रस्तावित पलवल-खुर्जा एक्सप्रेसवे को सीधे जोड़ने वाली इस 60 मीटर रोड को हैवी ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से डिजाइन किया जाना है।
सीईओ राकेश कुमार सिंह का कहना है कि 60 मीटर रोड का उपयोग बेहतर तरीके से हो और इसमें लोगों को दिक्कतें नहीं हों। इसके लिए सीआरआरआई को इस परियोजना से जोड़ा गया है जोकि खुद एक विशेषज्ञ संस्था है। इसके साथ ही दो प्रमुख अड़चन दयानतपुर और सबौता में भी जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरा किया जा रहा है। दयानतपुर में जमीन मिल गई है। जल्द ही यहां टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सड़क के अधूरे हिस्से में निर्माण शुरू हो जाएगा। इससे एयरपोर्ट तक सड़क पूरी बन जाएगी। इसके बाद सबौता में काम शुरू होगा। इससे सेमी कंडक्टर पार्क आदि तक भी सीधे पहुंच हो जाएगी। इससे यमुना एक्सप्रेसवे पर टोल का भुगतान किए बिना ही सभी सेक्टरों तक पहुंच वाहनों की ग्रेटर नोएडा और नोएडा से हो सकेगी।
एसीईओ मनीष मीणा ने बताया कि सीआरआरआई से सर्वे शुरू करने के लिए अभी वार्ता हो चुकी है। जल्द ही सर्वे का काम शुरू हो जाएगा। इससे पूरी सड़क के लिए डिजाइन सीआरआरआई बनाकर देगा, जिससे जरूरी निर्माण कराए जा सकें। शुरूआती सर्वे में यह देखने में आया है कि इंटरचेंज और प्रमुख टर्न पर वाहनों की सुरक्षा को देखते हुए काम करने की जरूरत है।