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Noida News: जीआईएस तकनीक पर तीन विद्युत उपकेंद्र बनेंगे, मानव रहित होगा संचालन

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जीआईएस तकनीक पर तीन विद्युत उपकेंद्र बनेंगे, मानव रहित होगा संचालन
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नोएडा प्राधिकरण ने प्रस्ताव तैयार कर विद्युत निगम से ब्यौरा लिया, जल्द होगा जगह का चयन

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर में बिजली आपूर्ति के लिए सेक्टर और गांव में 33/11 केवीए के नए उपकेंद्र नोएडा प्राधिकरण गैस इंसुलेटेड (जीआईएस) तकनीक पर बनवाएगा। यह उपकेंद्र करीब 400 वर्ग मीटर जमीन पर बनाए जाएंगे। साथ ही इनका संचालन भी मानव रहित व्यवस्था से किए जाने का विकल्प होगा।
उपकेंद्र कहां पर बनाए जाने की जरूरत है, यह जानकारी प्राधिकरण के विद्युत यांत्रिक विभाग ने विद्युत निगम से मांगी है। फिर उपकेंद्र निर्माण के लिए टेंडर होगा। एक उपकेंद्र बनाने में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि शहर के पुराने सेक्टर और गांव में नए उपकेंद्र बनाने की जगह नहीं बची है। पुराने उपकेंद्र पर भार आबादी व इकाईयों के साथ बढ़ रहा है। ऐसे में जीआईएस तकनीक पर उपकेंद्र बनाया जाना सही रहेगा। अब तक जो उपकेंद्र बने हैं, उनके निर्माण के लिए 1500 वर्ग मीटर जमीन की जरूरत होती है। आगे की तैयारी यह भी है कि हर उपकेंद्र पर स्कॉडा सिस्टम भी विकसित किया जाएगा। इससे बिजली फॉल्ट होने पर सूचना उस स्थान के ब्यौरे के साथ आ जाया करेगी। सेक्टर या सोसाइटी में बिजली सप्लाई का स्त्रोत सिर्फ एक उपकेंद्र से नहीं होगा, दूसरे उपकेंद्र को भी वैकल्पिक तौर पर जोड़ा जाएगा। एक उपकेंद्र में खराबी आने पर दूसरे से बिजली सप्लाई स्वचलित उपकरण से शुरू हो जाएगा।
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शहर में मौजूदा समय में 1900 मेगावाट मांग की सापेक्ष बिजली की उपलब्धता 1950 मेगावाट है लेकिन बिजली सप्लाई में उपकेंद्र, लाइन से लेकर ट्रांसफार्मर तक के फॉल्ट से कई जगह समस्या आती है। बताया गया कि 2031 तक शहर में बिजली की खपत 2700 मेगावाट की हो जाएगी। प्राधिकरण के विद्युत यांत्रिक विभाग के प्रभारी जीएम आरपी सिंह ने बताया कि जीआईएस तकनीक पर शुरुआत में तीन उपकेंद्र बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए जल्द ही एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे।
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