संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। गोवर्धन पूजा का जिले में भारी उत्साह देखने को मिला। इस दौरान मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी। मंदिरों में तड़कें ही भक्तों की कतार लगने लगी। भक्तों ने मंदिरों में पहुंचकर गिरीधर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा की और परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। वहीं घरों में गाय के गोबर से गिरिधर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा बनाई। भक्तों ने विभिन्न व्यंजन बनाकर भगवान को भोग लगाया।
गोवर्धन पूजनके चलते तड़के चार बजे ही मंदिरों के कपाट खुल गए थे। दिनभर मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। शाम को घरों में गोवर्धन प्रतिमा बनाकर लोगों ने धूप, दीप, फल, पुष्प, नवैद्य, चंदन, तुलसी दल सहित विभिन्न प्रकार के व्यंजन भगवान को अर्पित किए। ज्योतिषाचार्य पंडित महेश शांडिल्य ने बताया कि गोवर्धन पूजा और अन्नकूट पर्व कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है।
यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण की गोवर्धन लीला को समर्पित है। इस दिन मां अन्नपूर्णा की भी पूजा की जाती है। चूंकि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने देवराज इंद्र का घमंड तोड़कर अन्न की देवी मां अन्नपूर्णा की पूजा कर विभिन्न व्यंजन अर्पित किए थे। उन्होंने बताया कि यह लीला हमें प्राकृतिक प्रेम का संदेश देते हैं। शास्त्रों के अनुसार मां अन्नपूर्णा अन्न की देवी हैं और इस दिन उनकी पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन मां अन्नपूर्णा की उत्पत्ति हुई थी।
भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन लीला के दौरान मां अन्नपूर्णा की पूजा कर सभी को प्राकृति का आभार जताने का संदेश दिया है। यह लीला प्राकृति प्रेम का प्रतीक है। इस दौरान जिले के मंदिरों में गोवर्धन के लिए भारी संख्या में भक्त पहुंचे और पूजा की। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर इंद्र के प्रकोप से ब्रजवासियों की रक्षा करने की लीला को समर्पित है।
जय सिटी में लगाया भंडारा
जगाधरी। जय सिटी के खेड़ा एवं शिव मंदिर में बुधवार को गोवर्धन पूजन किया गया। वहीं श्रद्धालुओं के लिए भंडारा लगाया गया। इससे पूर्व आरती व कन्या पूजन किया गया। मंदिर कमेटी के प्रधान विनोद गुप्ता ने बताया कि मंदिर में सुबह छह बजे से कार्तिक माह की कथा भी कराई जा रही है, जो पूरा माह चलेगी। इस मौके पर जय सिटी संगठन के प्रधान एडवोकेट मांगेराम, मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष चंद्र धीमान, डॉ. अश्विनी गुप्ता, नरेंद्र अग्रवाल, माथुर अग्रवाल, राहुल बत्रा, सुभाष बत्रा, संजय भारद्वाज मौजूद रहे। संवाद