मुर्गा मंडी में उमड़ी भीड़, 5 घंटे तक जाम रही सड़क
नोएडा। दिल्ली में बीते कई दिनों से हो रही पक्षियों की मौत के बाद बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए दिल्ली सरकार ने गाजीपुर मुर्गा मंडी को 10 दिन के लिए बंद कर दिया है। इसका असर सोमवार को नोएडा में दिखाई दिया। चिकन के शौकीनों समेत होटल और ढाबा संचालकों ने सेक्टर-8 मुर्गा मंडी का रुख किया। खरीदारों की भीड़ से पांच घंटे तक सड़क जाम रही। भीड़ और जाम की समस्या बढ़ती देख पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क पर खड़े वाहनों के चालान किए। सेक्टर-8 में एक से डेढ़ साल पहले नोएडा प्राधिकरण ने 47 दुकानों का आवंटन किया था, लेकिन गाजीपुर मंडी नजदीक होने की वजह से आमतौर पर इस मुर्गा मंडी में भीड़ नहीं रहती। शहर के अधिकांश लोगों को इस मंडी की जानकारी भी नहीं है, लेकिन सोमवार सुबह 8 बजे से मुर्गा मंडी में खरीदारों की भीड़ इस कदर उमड़ी कि सड़क पर पैदल चलने की जगह नहीं बची। यह मंडी नोएडा और दिल्ली के ढाबा, रेस्तरां और दो से पांच सितारा होटलों में मुर्गे की आपूर्ति का मुख्य जरिया बनी। मंडी से कोई 10 से 20 किलो तो कोई रिक्शा और टेंपो में भरकर मीट ले जाता दिखा। दोपहर करीब एक बजे तक यही स्थिति बनी रही।
5000 किलो चिकन 5 घंटे में बिक गया
सेक्टर-8 मुर्गा मंडी के दुकानदार अली ने बताया कि रोजाना इस मंडी में मुर्गे की 6 से 8 गाड़ियां उतरती हैं। पंजाब, हरियाणा से बड़े-बड़े ट्रकों में भरकर मुर्गे मंगवाए जाते हैं। करीब 4 से 5 हजार किलो चिकन रोजाना बेचा जाता है। भले ही बर्ड फ्लू का खौफ क्यों न हो, लेकिन नोएडा की मुर्गा मंडी में इसका असर नहीं दिखा। जितने माल की सप्लाई दिनभर में होती थी, गाजीपुर मंडी बंद होने से उतना माल महज 5 घंटों में ही बिक गया।
दुकानों में बिक्री कम, दाम भी घटे
बर्ड फ्लू की दहशत ने पोल्ट्री फार्म के कारोबार को झटका दिया है। कारोबारियों ने बताया कि बाजार में 200 से 250 रुपये प्रति किलो मिलने वाला मुर्गे का मीट अब 120 से 150 रुपये प्रति किलो में बिक रहा है। पोल्ट्री फार्म ने भी दाम घटा दिए हैं। हालांकि, गाजीपुर मंडी बंद होने से नोएडा की मुर्गा मंडी की तरफ ग्राहकों का रुझान बढ़ा है।