सेक्टर 62 के आइथम टावर में फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी के दफ्तर की जांच करने पहुंची पुलिस की टीम।
नोएडा। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के नाम पर करीब 15 छात्र-छात्राओं से करोड़ों रुपये ठगने का मामला सामने आया है। सेक्टर-62 स्थित आइथम टावर में ठगों ने प्लेसमेंट एजेंसी खोल रखी थी। आरोपियों ने पहले फोन से छात्र-छात्राओं से संपर्क किया और फिर ऑफिस बुला लिया। दाखिले का भरोसा दिलाने के लिए छात्र-छात्राओं को इलाहाबाद और बांदा स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज भी ले गए। पीड़ितों ने इस मामले में पुलिस में शिकायत की है। हालांकि, अभी मामला दर्ज नहीं किया गया है।
कोतवाली सेक्टर-58 में पहुंचे महाराष्ट्र निवासी दर्शन, जालंधर निवासी मुस्कान, हरियाणा निवासी प्रदीप समेत 15 छात्र-छात्राओं ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने फोन से संपर्क कर झांसा दिया था कि वह सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिला करा देंगे। इसके लिए उन्होंने अलग-अलग छात्रों से 30 लाख से 50 लाख रुपये तक ऐंठे थे। नोएडा सेक्टर-62 स्थित आइथम टावर में एक प्लेसमेंट एजेंसी का दफ्तर था। यहां काम करने वाले आदर्श, धीरेंद्र, पंकज व अन्य ने फोन करके एमबीबीएस में दाखिला दिलाने का झांसा देकर उन्हें बुलाया था। आरोपियों ने झांसा दिया था कि वह सरकारी मेडिकल कॉलेज में अलग-अलग कोटे की सीट पर दाखिला दिला सकते हैं। इसके बाद ठग उन्हें बांदा व इलाहाबाद के मेडिकल कॉलेज भी ले गए। वहां पर इन लोगों की मुलाकात एक शख्स से कराई, जिसे मेडिकल कॉलेज का प्रिंसिपल बताया गया। मुलाकात के बाद छात्र-छात्राओं को भरोसा हो गया। इसके बाद कई मद में छात्र-छात्राओं से पैसे लिए गए और दाखिले के लिए फर्जी लेटर दे दिया। इसमें 2 फरवरी को दाखिले की तारीख बताई गई थी। दाखिले की तिथि के दो तीन पहले आरोपियों ने ही छात्रों को मेसेज कर लेटर के फर्जी होने की बात बताई तो उन्हें इस फर्जीवाड़े का पता चला। इसके बाद पुलिस पीड़ितों को लेकर आइथम टावर पहुंची। वहां प्लेसमेंट एजेंसी के दफ्तर पर ताला लगा था। पुलिस ने फिलहाल तहरीर लेकर जांच शुरू कर दी है।
केंद्रीय मंत्री के नाम पर देते थे झांसा
छात्र-छात्राओं ने पुलिस को बताया कि आरोपी एक केंद्रीय मंत्री का आदमी होने की बात कहते थे और मंत्री के कोटे से दाखिला कराने का झांसा देते थे। हालांकि, यह मंत्री कौन हैं। इसके बारे में आरोपियों ने छात्र-छात्राओं से स्पष्ट नहीं बताया था। मंत्री के नाम जुड़ा होने के कारण लोग इन पर थोड़ा जल्दी विश्वास कर लेते थे।
मामले में अन्य पीड़ित छात्र-छात्राओं से संपर्क किया जा रहा है। जल्द ही पुलिस मामला दर्ज करेगी और आरोपियों को गिरफ्तार करेगी।
- रजनीश वर्मा, एसीपी टू