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जलभराव से सैकड़ों एकड़ में फसलें बर्बाद

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गंगोली गांव में खेतों में भरा पानी। - फोटो : ?????? ???? ?? ????? ??? ???? ???? ?? ??? ??? ??? ???????
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नूंह। क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों में जलभराव के कारण सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। इससे परेशान किसानों ने फसल की विशेष गिरदावरी कराकर मुआवजा देने की मांग की है। इंडरी खंड के गांगोली, दुबालू, छपेड़ा सहित करीब आधा दर्जन गांवों में पलवल जिले के गांवों से बारिश के समय पानी आता है। इससे इन गांवों में जलभराव होने से खरीफ की सैकड़ों एकड़ कपास, बाजरा, धान और तिलहन की फसल नष्ट हो जाती है। साथ ही गेहूं की फसल की बिजाई में भी समस्या आती है। पिछले दिनों हुई बारिश से किसानों की खरीफ की फसलों को नुकसान हुआ है।
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इस कारण आर्थिक समस्या से जूझ रहे कई किसानों ने चारे की कमी के कारण मवेशियों को कम दामों में बेच दिया है। पशुपालकों का कहना है खरीफ की फसल नष्ट हो गई, ऐसे में वो मवेशियों को क्या खिलाएंगे। कृष्ण नंबरदार, पवन शर्मा, राजेंद्र, भजनलाल, प्रताप, श्याम सुंदर, सुगनचंद, जीतसिंह खटाना व महेश निवासी गांगोली, रामकरण सरपंच, डॉ. बलदेव छपेड़ा, जगदेव सरपंच निवासी दुबालू ने बताया कि उनके गांवों में पिछले कई वर्ष से पलवल जिले से बारिश का पानी आने से जलभराव हो जाता है। इस साल भी कपास, ज्वार-बाजरे, तिलहन और धान की फसल पानी में डूबने से खराब हो चुकी है। इस बार भारी बारिश से फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। दुबालू माइनर को खोदकर नीचा करने से समाधान हो सकता है। वे मुख्यमंत्री से इस बारे में मांग कर चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ है।
जिले में खरीफ की फसल का आंकड़ा :
जिले में इस बार खरीफ की फसल की बुवाई कुल 56332 हेक्टेयर में की गई। इसमें धान 4555 हेक्टेयर, कपास 5950, बाजरा 2230, तिलहन 178 और दलहन 628 हेक्टेयर में उगाई गई है। इसमें से गांगोली, दुबालू और छपेड़ा में करीब सात सौ एकड़ में अधिकतर फसलें नष्ट हो गई है।
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किसानों ने फसलों के नुकसान के बारे में जानकारी दी है। उनकी इस समस्या के बारे में बीमा कंपनी को अवगत कराया गया है। इस बार अधिक बरसात से कारण किसानों की फसल बर्बाद हुई है। - डॉ. अजीत सिंह, एसडीओ, कृषि विभाग
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