दिल्ली-अलवर हाईवे पर शव रखकर किया हंगामा
नगीना।
खंड के गांव नाईनंगला शुक्रवार को हुई बसमीना की मौत मामले में शनिवार को परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद शव दिल्ली-अलवर हाईवे पर रखकर जाम कर दिया। परिजन एफआईआर में कम धाराए लगाने और पोस्टमार्टम में कम चोट दिखाने से नाराज थे। जाम की सूचना मिलने पर रोड केयर अभियान की टीम मौके पर पहुंची। वहीं जाम में फंसे पूर्व चेयरमैन खुर्शीद राजाका ने लोगों को समझाया। समझाने पर करीब एक घंटे से लगे जाम खोला गया।
शनिवार दोपहर बसमीना के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया। इसके बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन एफआईआर में कम धाराएं लगाने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कम चोटें दिखाने से असंतुष्ट दिखे और नाराजगी जाहिर करते हुए परिजनों ने मृतका बसमीना का शव गांव मांड़ीखेड़ा जिला अस्पताल के सामने दिल्ली-अलवर हाईवे पर रखकर एक घंटे से अधिक समय तक जाम रखा। पूर्व सरपंच सब्बी, पूर्व सरपंच इस्माइल ने बताया कि परिजन इस बात से खफा हैं कि हत्या के बावजूद एफआईआर में धारा 302 नहीं लगाई गई। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चिकित्सकों के पैनल ने चोट के निशान कम दिखाए हैं। इन्ही आरोपों के चलते नाईनंगला के ग्रामीण काफी संख्या में हाईवे पर आकर बैठ गए। नाईनंगला गांव निवासी फतेह मोहम्मद, समीम, पंच शाकिर, सरपंच साहबराम का कहना है कि डॉक्टर और पुलिस परिजनों को सही जानकारी देने में असमर्थ रहे, इसलिए लोगों ने जाम लगा दिया। उन्होंने बताया कि जब तक एफआईआर व पोस्टमार्टम रिपोर्ट ठीक नहीं होगी, शव को नहीं दफनाया जाएगा।
जाम की खबर मिलते ही रोड केयर अभियान की टीम जाम खुलवाने के लिए मांड़ीखेड़ा पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आरटीआई मंच के कार्यकर्ताओं ने जाम खुलवाया। इसके अलावा जाम में फंसे पूर्व चेयरमैन खुर्शीद राजाका के समझाने के बाद लोगों का गुस्सा कुछ कम हुआ। तब जाकर जाम खुल सका। इस मौके पर डीएसपी फिरोजपुर झिरका, एसएचओ नगीना के अलावा पुलिस प्रशासन के कई अधिकारी जाम खुलवाने के लिए मौके पर पहुंचे।
- क्या था मामला
परिजनों ने बताया कि नाईनंगला गांव की बसमीना की शुक्रवार को ससुराल पक्ष ने मारपीट कर हत्या कर दी थी जिसका पोस्टमार्टम शनिवार को दोपहर बाद सिविल अस्पताल मांड़ीखेड़ा में किया गया।
फोटोऱ् मांड़ीखेड़ा अस्पताल के सामने शव रखकर जाम लगाते नाईनंगला गांव के लोग।