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कंपनी के खिलाफ कई और शिकायतकर्ता आये सामने

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कई और शिकायतकर्ता आए सामने
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3 सी बिल्डर के तीन निदेशकों की गिरफ्तारी का मामला
- प्रोजेक्ट से जुड़े और निदेशकों के खातों की जांच जारी, मुख्य कंपनी से करोड़ों रुपये दूसरी कंपनी में भेजने का खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नोएडा के सेक्टर 107 स्थित 3 सी बिल्डर के हाउसिंग प्रोजेक्ट के नाम पर निवेशकों से 200 करोड़ रुपये की ठगी में गिरफ्तार तीन निदेशकों विदुर भारद्वाज, निर्मल सिंह और सुरप्रीत सिंह से आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारियों ने पूछताछ शुरू कर दी है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने लोटस प्रोजेक्ट के लिए निवेशकों से लिए गए करोड़ों रुपये गलत तरीके से दूसरी कंपनी में स्थानांतरित कर दिए थे। यह कंपनी नोएडा और गुरुग्राम में लग्जरी फ्लैट बनाने का काम करती है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कंपनी के खिलाफ 50 लोगों ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। अब कंपनी के तीन निदेशकों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के पास इनके खिलाफ कई अन्य शिकायतें आ रही हैं। पुलिस का कहना है कि ठगी की रकम बढ़ सकती है। पुलिस ने गिरफ्तार निदेशकों से कंपनी की वित्तीय जानकारी ली। निदेशकों के साथ-साथ कंपनी के बैंक खातों की जांच चल रही है। इसमें पता चला कि निवेशकों से लिए गए दो सौ करोड़ रुपये दूसरी कंपनी के खातों में जमा हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हासिंडा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड के खातों से रुपये निकाल लिए जाने की वजह से उस प्रोजेक्ट का काम पूरा नहीं हो पाया। साथ ही कंपनी ने अपने प्रोजेक्ट का एरिया बढ़ा दिया। तय समय पर फ्लैट नहीं मिलने पर निवेशकों ने कंपनी में शिकायत की तो निदेशक समयावधि बढ़ाते रहे और फ्लैट देने का भरोसा देते रहे। आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारियों का कहना है कि निदेशकों से पूछताछ में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसकी भी गिरफ्तारी होगी।
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पांच करोड़ तक थी लग्जरी फ्लैैटों की कीमत
जांच में पता चला है कि हासिंडा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने 2010 में लोटस ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत 10 एकड़ जमीन पर छह टावर में तीन सौ फ्लैट की योजना बनाई। इसमें लग्जरी फ्लैटों की कीमत तीन से पांच करोड़ रुपये रखी गई। कंपनी के झांसे में आकर तीन सौ निवेशकों ने कीमत की 90 फीसदी रकम प्रोजेक्ट को दे दी। ऐसे में कंपनी को कुल 636 करोड़ रुपये मिले थे। इनमें से कंपनी ने 191 करोड़ रुपये दूसरी कंपनी में स्थानांतरित कर दिए। बाद में कंपनी ने एक टॉवर और बढ़ाकर फ्लैटों की संख्या 336 कर दी थी।
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