फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

साहिल ने ही अनुराग को गोली मारी थी

विज्ञापन
विज्ञापन
साहिल ने ही अनुराग को गोली मारी थी
विज्ञापन


- शव ले जाने वाले युवक की हत्या मामला
- पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने किया खुलासा
- चिढ वाले निक नाम रखने पर मारी थी गोली

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। भारत नगर इलाके में शव ले जाने वाले युवक की हत्या मामले में खुलासा हुआ है कि आंबेडकर नगर इलाके में साहिल ने ही अनुराग को गोली मारी थी। साहिल ने अनुराग को चिढ़ाने वाले पच्चीसी जैसे कई निक नाम रखे हुए थे। वारदात वाले दिन जब साहिल ने निक नाम से अनुराग को चिढ़ाया तो अनुराग ने साहिल को गाली दे दी थी। इस बात पर गुस्साए साहिल ने अनुराग को गोली मार दी थी। गोली अनुराग के सिर में लगी थी। आरोपी ने सबूत मिटाने का प्रयास भी किया था। आंबेडकर नगर थाना पुलिस ने अनुराग के शव का पोस्टमार्टम करवा दिया है। जिम्मी ने जो खुलासा किया है उससे लग रहा है कि आरोपी ने सबूत मिटाने का प्रयास किया था।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि अनुराग को गोली काफी दूर से मारी गई है। ऐसे में अनुराग के खुदकुशी करने की बात सही नहीं है। वारदात के समय घर में साहिल व अनुराग ही थे। कट्टा साहिल का था। गौरतलब है कि भारत नगर निवासी अनुराग के-ब्लाक दक्षिणपुरी, आंबेडकर नगर में रहने वाली बुआ सुनीता के घर में रहता था। शुक्रवार दोपहर को अनुराग की गोली लगने से संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उस समय घर में अनुराग व साहिल थे। इसके बाद बुआ सुनीता, फूफा कैलाश, इनका बेटा अभिषेक, अभिषेक व उसके छोटे भाई भोला(हत्या केमामले में भोला जेल में है) के दोस्त साहिल व जिम्मी अनुराग के शव को भारत नगर स्थित उसके घर ले गए थे, जहां अनुराग के छोटे भाई छिन्नू ने भाई की मौत का कारण पूछा तो साहिल ने बताया कि उसके भाई ने खुदकुशी की है। इस बात पर छिन्नू को संदेह हुआ और उसने साहिल को चाकू मार दिया। साहिल को पास में स्थित अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भारत नगर पुलिस ने साहिल केशव का पोस्टमार्टम करवाया है, जबकि आंबेडकर नगर पुलिस ने अनुराग केशव का पोस्टमार्टम करवाया गया है।
विज्ञापन

--------
थानाध्यक्ष का नाम लिखकर खुदकुशी करने का मामला :
ग्रेटर कैलाश थानाध्यक्ष को मामले की जांच सौंपी गई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
कोटला मुबारकपुर(केएमपुर) में दीवार पर केएमपुर थानाध्यक्ष का नाम लिखकर सुदीप नामक युवक द्वारा खुदकुशी मामले की जांच ग्रेटर कैलाश थानाध्यक्ष मनीष जोशी को सौंपी गई है। ग्रेटर कैलाश थानाध्यक्ष ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने सुदीप के शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया है।
गौरतलब है कि अर्जुन नगर, केएमपुर में रहने वाले पीजी संचालक सुदीप ने शुक्रवार रात को फांसी लगाकर खुदकश्ुाी कर ली थी। युवक ने दीवार पर सुसाइड नोट लिखा था। इस नोट में उसे केएमपुर थानाध्यक्ष वीके पीएस यादव को अपनी मौत केलिए जिम्मेदार ठहराया था। दक्षिण जिला डीसीपी विजय कुमार ने बताया कि सुदीप अपने पिता व बहन के साथ अर्जुन नगर में पीजी चलाता था। पिता, बहन, सुदीप व उनकी नौकरानी के खिलाफ छह अपराधिक मामले दर्ज है। वर्ष 2017 में पीजी में रहने वाली युवकों ने मामला दर्ज कराया था। इसके बाद बहन ने मामला दर्ज कराने वाले लड़कों के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। पुलिस जांच में ये मुकद्दमा झूठा पाया गया था।
विज्ञापन

केएमपुर थाना पुलिस इनके खिलाफ दुष्कर्म का झूठा मामला दर्ज कराने पर इनके खिलाफ कार्रवाई कर रही थी। डीसीपी विजय कुमार ने बताया कि केएम पुर थानाध्यक्ष वीकेपीएस यादव वर्ष 2017 से इन लोगों केसंपर्क में नहीं था। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जांच केएमपुर थाना पुलिस की बजाय ग्रेटर कैलाश थाना पुलिस को दी गई है। जांच में पता लगा कि सुदीप नशा लेने का आदि था और उसका विमन्हास में इलाज चल रहा था। सुदीप व उसकी बहन कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें