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पद का दुरुपयोग किया होगा तो शासन को जाएगी रिपोर्ट

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हेडिंग: पद का दुरुपयोग मिलने पर शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट
सबहेड: रिटायर्ड कर्नल को हथकड़ी लगाकर कोर्ट में पेश करने की मजिस्ट्रेट जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र प्रताप सिंह चौहान को विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर तत्काल गिरफ्तार करने व हथकड़ी लगाकर कोर्ट में भेजने के मामले में मजिस्ट्रेट जांच शुरू हो गई है। जिलाधिकारी बीएन सिंह ने एसडीएम सदर से 12 बिंदुओं पर 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई। अगर एडीएम या अन्य सरकारी अधिकारी, कर्मचारी ने पद का दुरुपयोग किया है तो रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जांच के बिंदुओं में रिटायर्ड कर्नल से थाने में उठक-बैठक लगवाने का भी जिक्र है। ऐसे में यह प्रकरण और गंभीर हो गया है।
एसडीएम सदर राजपाल सिंह ने बताया कि रिटायर्ड कर्नल को हथकड़ी लगाकर कोर्ट में पेश करने के मामले में दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं। एडीएम ने 8 अगस्त को रिटायर्ड कर्नल के खिलाफ शिकायत की थी कि उन्होंने लाइसेंसी राइफल से बेटे को जान से मारने की धमकी दी। जबकि वीरेंद्र ने जानकारी दी है कि उनकी लाइसेंसी राइफल कई माह से मालखाने में जमा है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि जब लाइसेंसी राइफल मालखाने में जमा है तो धमकी देने की शिकायत क्यों की गई। इसके अलावा 16 अगस्त को 25 रिटायर्ड सेना अधिकारी डीएम से मिले और उन्होंने वीरेंद्र को गलत तथ्यों के आधार पर फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी प्रस्तुत किया। डीएम का कहना है कि इससे एफआईआर के मुताबिक, अन्य तथ्यों की जांच होना भी जरूरी है।
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इन 12 बिंदुओं पर होगी मजिस्ट्रेट जांच
- क्या रिटायर्ड कर्नल से थाने में कान पकड़कर उठक-बैठक लगवाई गई।
- क्या दोनों पक्षों को विवाद पहले से चल रहा है।
- अब तक इस विवाद में दोनों पक्षों ने कहां-कहां पत्राचार किया और उन पर क्या कार्रवाई हुई।
- क्या रिटायर्ड कर्नल ने थाने में शिकायत लिखवाने या मेडिकल कराने के लिए अनुरोध किया है।
- रिटायर्ड कर्नल को हथकड़ी पहनाकर कोर्ट में ले जाया गया और चोरी के आरोपित के साथ बैठाया गया।
- किन परिस्थितियों में रिटायर्ड कर्नल की शिकायत दर्ज नहीं की गई और मेडिकल नहीं कराया गया।
- हथकड़ी लगाने के क्या नियम है और वर्तमान परिस्थितियों में संबंधित नियम लागू हो रहे हैं अथवा नहीं।
- रिटायर्ड कर्नल के साथ तीन लोग थे, जो गिरफ्तार हुए हैं घटना के दौरान क्या ये तीनों विवाद के समय मौके पर थे।
- अगर ये लोग मौके पर नहीं थे तो इन तीनों की उपस्थिति मौके पर क्यों दिखाई गई, इनकी गिरफ्तारी क्यों हुई और दलित उत्पीड़न की धारा क्यों लगाई गई।
- सीसीटीवी फुटेज में अन्य सबूतों को ध्यान में रखकर जांच की जाए।
- क्या रिटायर्ड कर्नल ने एडीएम द्वारा अवैध निर्माण करने की शिकायत नोएडा अथॉरिटी में अधिकारियों से की थी।
- क्या एडीएम ने रिटायर्ड कर्नल के साथ मारपीट की।
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सोशल साइट पर छाया विवाद
ग्रेटर नोएडा। रिटायर्ड कर्नल और एडीएम के बीच हुआ विवाद अमर उजाला में 15 अगस्त को (रिटायर्ड कर्नल को हथकड़ी लगे फोटो के साथ) समाचार प्रकाशित होने के बाद धीरे-धीरे सोशल साइट पर छा गया है। कई वर्ग व संगठन के लोग इस विवाद को लेकर पोस्ट व कमेंट कर रहे हैं। इनमें अधिकांश लोग रिटायर्ड कर्नल का पक्ष में अपने विचार रख रहे हैं।
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