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अपराध शाखा ने मेनपाल गिरोह के दो गैंगस्टर को दबोचा

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हरियाणा के रोहतक, झज्जर के खास ध्यानार्थ
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मेनपाल गिरोह के दो बदमाश दबोचे
पुलिस ने आठ लाख लूट की गुत्थी सुलझाई, हथियार और कार बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मेनपाल उर्फ धिल्ला गिरोह के दो बदमाशों को दबोचकर बाबा हरिदास नगर में नोटबंदी के दौरान हुई नए नोटों की आठ लाख रुपये की लूट की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। आरोपियों से दो तमंचे, चार कारतूस और स्कोर्पियो कार बरामद हुई है। एक आरोपी दिल्ली पुलिस के एएसआई की हत्या में वांछित था।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. अजीत कुमार सिंगला ने बताया कि शाखा के एएसआई प्रदीप हुडा को मिली सूचना के बाद इंस्पेक्टर रिछपाल मीणा की टीम ने सेक्टर-17 के श्मशान घाट के पास घेराबंदी की। यहां से रोहतक, हरियाणा निवासी संजय उर्फ अजीत शर्मा (35) और सोहन उर्फ सोनू (23) को गिरफ्तार किया गया। संजय ने बताया कि वह बादली, झज्जर हरियाणा निवासी मेनपाल उर्फ धिल्ला गिरोह का शार्प शूटर है। मेनपाल इस समय उम्रकैद काट रहा है। संजय मेनपाल गिरोह के अनिल उर्फ ताऊ के संपर्क में आने के बाद गिरोह में आया।
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जेल में बंद मेनपाल के निर्देश पर दिसंबर, 2008 में संजय और 22 अन्य बदमाशों ने सदर, बहादुरगढ़ में दिल्ली पुलिस के एएसआई करण सिंह की हत्या कर दी थी। एएसआई विरोधी गिरोह राज सिंह की हत्या का गवाह था। संजय वर्ष मार्च 2013 तक जेल में रहा। बाहर आने के बाद संजय ने साथियों के साथ व्यवसायी मुकेश अग्रवाल से तीन दिन में पांच करोड़ की रंगदारी मांगी। इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। संजय के खिलाफ फरवरी, 2014 में बुराड़ी में महिला के अपहरण व दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। संजय ने नवीन, सोनू, किशन, बानारसी, राज गुप्ता व अन्य के साथ 13 दिसंबर, 2016 को व्यवसायी अनिल कुमार से आठ लाख रुपये के नए नोट लूट लिए थे। सोहन संजय के संपर्क में आकर वारदात करने लगा।
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