दनकौर कस्बे से अपहृत 12वीं कक्षा की छात्रा ने प्रेमी संग मिलकर खुद अपने अपहरण की साजिश रची थी। इस पूरे ड्रामे में उसकी छोटी बहन ने मदद की थी। उसने दोनो को बाइक से रवाना कर दिया और चार बदमाशों द्वारा बहन के अपहरण की झूठी बात फैलाकर परिजन और पुलिस को गुमराह किया था।
पुलिस ने शनिवार को इस मामले का खुलासा करते हुए लड़की को बरामद कर लिया और आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मालूम हो कि, रबूपुरा कोतवाली के मिर्जापुर गांव निवासी शालू (17 वर्ष) पुत्री प्रकाश के दनकौर कस्बे से अपहरण की रिपोर्ट शुक्रवार डेढ़ बजे दनकौर कोतवाली में दर्ज कराई गई थी।
इसमें आरोप था कि शुक्रवार सुबह 9 बजे शालू अपनी बहन पायल के साथ एलएलआर इंटर कॉलेज में टीसी लेने गई थी। साढे 12 बजे कस्बे के जैन मंदिर के पास सफेद रंग की वैन में चार हथियारबंद लोग जबरन शालू को खींचकर कार में अपहरण कर ले गए। अपहरण की जानकारी के बाद पूरे ग्रेटर नोएडा की पुलिस अपहरणकर्ताओं को ढूंढने में लग गई।
छह माह पहले से भागने की चल रही थी प्लानिंग
अपहरण
मोबाइल पर हुई बातचीत के आधार पर छानबीन करते हुए पुलिस ने शुक्रवार रात में ही औरंगाबाद, बुलंदशहर निवासी सोनू पुत्र चन्नु सिंह को गिरफ्तार कर लिया। सोनू की निशानदेही पर शनिवार सुबह भैंसरोली बुलंदशहर निवासी सोनू की बहन के घर से शालू को भी बरामद कर लिया गया।
पूछताछ में शालू ने बताया कि शुक्रवार को धनौरी रोड पर लगने वाले साप्ताहिक बाजार से सोनू के साथ उसकी बाइक पर बैठकर अपनी मर्जी से गई थी। सोनू ने उसे अपनी बहन के घर ठहराया था। इस बात की जानकारी शालू की छोटी बहन पायल को पहले से ही थी। शालू ने पायल को घर जाकर अपहरण होने की बात बताने के लिए कहा था।
पुलिस पूछताछ में आरोपी सोनू ने बताया कि शालू के पड़ोस में उसकी बड़ी बहन की शादी हुई है। चार साल पहले अपनी बहन के घर तीन महीने तक रहा था इसी दौरान उसका शालू के घर आना जाना रहता था। उसने बताया कि दोनों के बीच 2011 से प्रेम प्रसंग चल रहा है।
फोन पर हुई बातचीत से हुआ शक
आरोपी सोनू ने बताया कि उसने शालू को फोन दे रखा था, जिससे दोनों के बीच घंटों बातें होती थी। शुक्रवार को अपहरण के नाटक से पहले दोनों की पर्सनल फोन पर 14 बार कॉल हुई थी जिसमें घंटों बातचीत हुई।
एक दिन पहले 21 अप्रैल को घर के फोन पर दोनो के बीच 1 घंटा 45 मिनट बात हुई थी। दो दिनों में इतनी लंबी बातचीत होने के शक के आधार पर ही पुलिस फोन नंबर खंगालते हुए आरोपी तक पहुंच गई।
अपहरण की साजिश छात्रा ने प्रेमी संग मिलकर रची थी, जिसकी जानकारी उसकी छोटी बहन को भी थी। आरोपी युवक पर अपहरण का मुकदमा दर्ज करते हुए उसे जेल भेज दिया गया है।
लड़की के पिता पर भी मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। 15 घंटे के भीतर केस खोलने वाली पुलिस टीम को एसएसपी ने पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।-अभिषेक यादव, एसपी देहात