तावडू। उपमंडल के गांव राहड़ी से बुधवार शाम खेतों पर घूमने गई सात साल की बच्ची को अगवा कर लिया गया। हालांकि पुलिस ने तेजी के साथ सात घंटे के अंदर ही बच्ची को सकुशल अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराया। वहीं आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। बच्ची को परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। परिजनों व ग्रामीणों ने बच्ची के सकुशल लौटाने पर तावडू सीआईए व सदर थाना पुलिस का आभार व्यक्त किया है।
राहड़ी निवासी साजिद ने बुधवार को पुलिस में शिकायत दी कि शाम करीब 3 बजे उनकी सात साल की बेटी गांव के साथ खेतों में अपनी सहलियों के साथ घूमने गई थी, उसी दौरान उसका अपहरण कर लिया गया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि गांव में पूछताछ करने पर पता लगा है कि आरोपी अपहरणकर्ता तसलीम निवासी गांव खैटाला सराय जिला पलवल गांव का भांजा है, जो पीड़ित की बेटी का बाइक पर अपहरण कर कर ले गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अलर्ट हो गई और गांव में पहुंच घटना से संबधित जानकारी ली।
जिला पुलिस कार्यालय में पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बृहस्पतिवार को प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि वारदात की जानकारी मिलते ही उनके निर्देश पर गठित तावडू सीआईए प्रभारी सुरेंद्र सिद्धू व सदर थाना प्रभारी विमल कुमार के नेतृत्व में संयुक्त रूप से दो पुलिस टीमों ने अपना जाल बिछाते हुए महज 7 घंटे में अपहृत बच्ची को सकुशल बरामद किया। पीड़ित परिजनों के हवाले कर दिया। वहीं अपहरणकर्ता को जिले के पिनांगवा थाना के अंतर्गत गांव हिंगनपुर से वारदात में प्रयोग मोटरसाइकिल सहित दबोच लिया गया। पीड़ित परिजनों और क्षेत्र के लोगों ने पुलिस की प्रशंसा करते हुए उनका आभार जताया है।
27 मई को भी शहर से अगवा हुआ था बच्चा
बता दें कि बीते सप्ताह 27 मई को भी तावडू शहर से एक 10 वर्षीय बच्चे का अपहरण कर लिया गया था, उसे भी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 13 घंटे में सकुशल बरामद कर आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की थी। आरोपी ने परिजनों से 25 लाख की फिरौती भी मांगी थी। लोग अभी तक इस घटना को भूल नहीं पाए थे वहीं दूसरा मामला सामने आ गया।
लोगों में और भी बच्चों के अगवा होने का डर
गांव के सरपंच जमशेद, जावेद, हासिम आदि अन्य लोगों ने बताया कि यह बेहद चिंता का विषय है। सप्ताह भर में यह दूसरी घटना है। प्रशासन को सतर्क होने की जरूरत है। लोगों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर डर बन रहा है। इस तरह की घटनाओं के चलते बच्चों का घर से बाहर निकलना ही बंद हो जाएगा। ऐसे में तत्काल कोई निर्णय लेने की जरूरत है ताकि इस तरह की घटना दोबारा नहीं हो सकें।