मोहम्मद शाहिद मेवाती
तावडू। गैर कानूनी रूप से संचालित भूमिगत बोरवेल व आरओ प्लांट की सीएम विंडो में की गई शिकायत के बाद तावडू नगर पालिका प्रशासन ने संज्ञान लिया है। नगर पालिका प्रशासन की ओर से केंद्रीय जल बोर्ड व राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को पत्र जारी कर ऐसे भूमिगत बोरवेल व आरओ प्लांट पर अंकुश लगाकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सीएम विंडो में शिकायतकर्ता व तावडू नगर पालिका के पूर्व मनोनीत पार्षद कृष्ण सेहरावत ने आरोप लगाते हुए बताया कि नगर के वार्ड नं 15 में तीन व्यक्तियों द्वारा बिना सरकार की मंजूरी के खेती योग्य भूमि में भूमिगत बोर व आरओ प्लांट लगवाकर गैर कानूनी तरीके से वाणिज्यिक प्रयोग किया जा रहा है। इस व्यवसाय के बारे में तावडू नगर पालिका प्रशासन की ओर से भी कोई स्वीकृति नहीं ली गई है और ना ही नक्शा स्वीकृत कराया गया है। आर ओ प्लांट मालिकों द्वारा संबंधित कार्य के लिए कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं है। शिकायतकर्ता ने बताया कि भूमिगत बोर/ ट्यूबवेल आरओ के कारण आस पास का भूजल स्तर भी बहुत ही नीचे चला गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ये जल माफिया बगैर मापदंडों के जलापूर्ति कर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
कई बार जारी किया है नोटिस
कृष्ण सेहरावत की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए तावडू नगर पालिका प्रशासन की आरओ प्लांट मालिकों को कई बार नोटिस जारी किया गया। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर 8 सितंबर को तावडू नगर पालिका सचिव द्वारा हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड नूंह व केंद्रीय भूजल बोर्ड
फरीदाबाद को पत्र जारी करते हुए
शहर में गैर कानूनी तरीके से चलाये जा रहे इन आरओ प्लान्ट और बोरवैल को बन्द कराने के साथ-साथ आरोपियों के विरुद्ध नियम के मुताबिक कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। बता दें कि क्षेत्र में जल माफियाओं द्वारा बगैर मापदंडों का पालन व गैरकानूनी तरीके से इस तरह से आरओ प्लांट और भूमिगत बोर लगाए हुए हैं। जिनके द्वारा लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर जलापूर्ति कर मोटी कमाई की जा रही है।