गौतमबुद्धनगर के बादलपुर कोतवाली क्षेत्र के दादरी बाईपास पर जंजीर से जकड़े व पैर में कील ठुकी मिले व्यक्ति की कहानी पुलिस जांच में उलट गई है। युवक ने कन्नौज के नगर पालिका चेयरमैन को फंसाने के लिए षड़यंत्र रचा। पुलिस ने युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोमवार को दादरी बाईपास पर पुलिस को एक युवक जंजीरों में जकड़ा पड़ा मिला था, जिसके दोनों पैरों में कील ठोकी गई थी और आंखों व मुंह पर पट्टी बंधी थी। पुलिस ने युवक का इलाज कराया।
पूूछताछ में युवक ने बताया कि उसका 22 अक्तूबर को कन्नौज के गुरसहाय गंज से अपहरण किया गया। एक कंपनी के चेयरमैन से उसका 1.80 लाख रुपये को लेकर विवाद चल रहा है।
कंपनी चेयरमैन के लोगों ने ही उसका अपहरण कर लिया और दो दिन तक अलग-अलग जगहों पर घुमाते रहे। सोमवार रात में उसके पैरों मे कील ठोंक दी और जंजीर से बांधकर दादरी बाइपास पर फेंक दिया। उसने अपनी पहचान अमरुद्दीन निवासी गुर सहायगंज (कन्नौज) बताई। पुलिस ने युवक के बयान पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस के मुताबिक, जांच में यह मामला उलट गया। युवक द्वारा दिए गए फोन नंबरों पर पुलिस ने संपर्क किया। इसमें पाया कि युवक 21 व 22 अक्तूबर को अपनी प्रेमिका के साथ कानपुर के एक होटल में दो दिन के लिए रुका और 23 अक्तूबर को ट्रेन से हैदराबाद चला गया।
बीच में फोन की सिम बदलकर घरवालों से बात की। हैदराबाद से घूमकर सोमवार को दिल्ली पहुंचा और आनंद विहार से दादरी के लिए बस में बैठा। बाईपास पर उतरकर उसने खुद अपने पैरों में कील गाड़कर जंजीरों मे बांध लिया। इसके बाद उसने चेयरमैन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पूछताछ में युवक ने बताया कि उस पर बहुत कर्ज है। उसने चेयरमैन को फंसाने के लिए यह साजिश रची थी। एसपी देहात रणविजय सिंह का कहना है कि युवक ने खुद ही साजिश रची था और उसमें खुद ही फंस गया। उन्होंने युवक के अपहरण की बात से इंकार किया है।