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जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को दस दिन की पुलिस हिरासत में भेजा

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नई दिल्ली। अदालत ने दिल्ली दंगा मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को पूछताछ के लिए सोमवार को दस दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। उमर खालिद को रविवार को अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सोमवार को कोर्ट के समक्ष पेश किया।
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कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने कहा दंगों के साजिश के सिलसिले में आरोपी से पूछताछ करनी है। पुलिस ने यह भी कहा कि उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगे सुनियोजित साजिश का हिस्सा थे। दंगों की साजिश से जुड़े डाटा के संबंध में भी उमर खालिद से पूछताछ करनी है।
दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद पर देशद्रोह, हत्या, हत्या की कोशिश, भड़काऊ भाषण देने समेत यूएपीए की कई धाराएं लगाई हैं। पुलिस के अनुसार उमर खालिद ने दो स्थानों पर भाषण देकर लोगों को भड़काया। उमर खालिद ने लोगों को डोनाल्ड ट्रंप के दौरे के दौरान सड़कों पर जाम लगाने के लिए कहा था ताकि इंटरनेशनल स्तर पर संदेश जाए कि भारत में अल्पसंख्यकों को किस तरह प्रताड़ित किया जा रहा है।
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पुलिस की एफआईआर के अनुसार इसके लिए साजिश के तहत कई स्थानों पर हथियार, पेट्रोल बम, एसिड की बोतलें तथा पत्थर जमा किए गए थे। उमर खालिद के सह-आरोपी दानिश को दंगों के लिए लोगों को जमा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। महिलाओं तथा बच्चों को 23 फरवरी की रात जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे सड़क जाम करने के लिए लगाया गया था ताकि वहां रहने वालों में तनाव पैदा किया जा सके।
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उत्तर पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी को सीएए के विरोधियों तथा समर्थकों के बीच दंगे हो गए थे। इनमें 53 लोगों की जान गई थी जबकि 200 से ज्यादा जख्मी हुए थे।
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