25 मई को अदालत ने अलका लांबा को दोषी ठहराया था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा को पुलिसकर्मियों पर हमला करने और सरकारी काम में बाधा डालने के एक मामले में एक साल के लिए अच्छे आचरण के प्रोबेशन पर रिहा करने का आदेश दिया है। मामला साल 2024 में जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध-प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी। इसके बाद दर्ज मामले में पुलिस ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शन के दौरान सरकारी काम में बाधा डाली गई और कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने शनिवार को लांबा को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने के निर्देश दिए।
गौरतलब है कि 25 मई को अदालत ने अलका लांबा को मामले में दोषी ठहराया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया था कि प्रदर्शन के दौरान लांबा ने पुलिस अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की और हमला किया था। सजा पर बहस के दौरान लांबा ने प्रोबेशन का लाभ देने की मांग की। बचाव पक्ष ने दलील में कहा था कि वह एक जनप्रतिनिधि और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता हैं और उन्हें सुधार का अवसर दिया जाना चाहिए।