नई दिल्ली। अदालत ने दिल्ली दंगा मामले में आरोपी दो भाइयों को जमानत प्रदान की है। अदालत ने मामले में एक अन्य आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद इन आरोपियों को जमानत प्रदान की है। इन आरोपियों को दंगों के दौरान जाफराबाद इलाके में हत्या से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था।
कड़कड़डूमा जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने अतुल चौहान तथा वीरेंद्र चौहान को समानता के आधार पर जमानत प्रदान की है। अदालत ने कहा कि अभियोजन के अनुसार इन आरोपियों तथा अन्य आरोपी उत्तम त्यागी की भूमिका में कोई अंतर नहीं है। उसे हाईकोर्ट से 18 दिसंबर को जमानत मिल चुकी है।
कोर्ट के समक्ष बचाव पक्ष के अधिवक्ता पूज्य कुमार सिंह ने जिरह करते हुए कहा कि इन आरोपियों को हत्या के मामले में नौ अप्रैल को उत्तम त्यागी के साथ गिरफ्तार किया था। इन सब पर एक जैसे आरोप हैं। हाईकोर्ट ने उत्तम त्यागी को 18 दिसंबर को जमानत दे दी थी। इसलिए इन आरोपियों को भी समानता के आधार पर जमानत प्रदान की जाए।
अदालत ने बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अभियोजन पक्ष से पूछा कि इन आरोपियों और उत्तम त्यागी की भूमिका में क्या अंतर है। अभियोजन ने कहा कि इनकी भूमिका एक जैसी है। हालांकि शिकायतकर्ता साहिल परवेज ने आरोपियों का जिक्र शिकायत में नहीं किया है। वह किसी सीसीटीवी फुटेज में भी नहीं दिख रहे है लेकिन मामले की जांच अभी चल रही है।
अदालत ने इन तथ्यों पर विचार करने के बाद अतुल व वीरेंद्र को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके तथा इतनी ही राशि के जमानती पेश करने पर जमानत प्रदान की है। वहीं अदालत ने कहा कि आरोपी बिना अनुमति दिल्ली एनसीआर से बाहर नहीं जाएंगे। केस के साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेंगे और गवाहों से किसी भी तरह संपर्क नहीं करेंगे।