माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र न्यायाधीश की अदालत ने 16 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी यशपाल की जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायालय ने कहा कि नाबालिग के साथ जबरन यौन उत्पीड़न एक जघन्य अपराध है। इसलिए आरोपी को जमानत पर रिहा करना उचित नहीं होगा।
मुकदमा थाना जेवर में दर्ज है। पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि आरोपी ने उसे कोई नशीला पदार्थ दिया और उसके बाद जबरन शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी ने उसे धमकी भी दी कि अगर उसने यह बात किसी को बताई तो वह उसे मार देगा। आरोपी की ओर से पेश अधिवक्ता ने तर्क दिया कि एफआईआर तीन दिन की देरी से दर्ज की गई है, लेकिन देरी के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। छह महीने पहले शिकायतकर्ता ने आरोपी से 30 हजार रुपये उधार लिए थे और जब आरोपी ने अपने पैसे की मांग की तो शिकायतकर्ता ने उसे झूठा फंसा दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि इस स्तर पर एक नाबालिग पीड़िता द्वारा आरोपी के खिलाफ दिए गए बयान पर अविश्वास करने का कोई कारण नजर नहीं आता। अदालत ने आरोपी को जमानत देने से मना कर दिया।