संवाद न्यूज एजेंसी
जगरांव। पार्षद एडवोकेट हिमांशु मलिक पर दर्ज केस ने अब पंजाब की सियासत और वकालत जगत में भूचाल मचा दिया है। जगरांव थाना सिटी पुलिस पर राजनीतिक दबाव तले झूठा केस दर्ज करने के आरोपों के बीच बार एसोसिएशन ने चौथे दिन हड़ताल जारी रखी। लुधियाना, समराला, खन्ना, पायल और जगरांव समेत पांच शहरों की अदालतों का कामकाज ठप कर दिया गया है।
बार काउंसिल प्रधान सतिंदरपाल सिंह ने साफ कहा कि जब तक केस रद्द नहीं होता, हड़ताल खत्म नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अब इंसाफ लेकर ही दम लेंगे। एडवोकेट तरुण मल्होत्रा ने कहा कि हिमांशु मलिक के साथ बार एसोसिएशन चट्टान की तरह खड़ी है। पुलिस को झूठा मामला रद्द करना पड़ेगा। यह मामला दो महीने पहले नगर काउंसिल मीटिंग हाल में पार्षद हिमांशु मलिक और भाजपा पार्षद सतीश कुमार पप्पू के बीच हुई कहासुनी से जुड़ा है। दोनों पक्षों ने शिकायत दी थी लेकिन 45 दिन की जांच के बाद पुलिस ने सिर्फ हिमांशु मलिक पर केस दर्ज किया जबकि भाजपा पार्षद के जातिसूचक आरोप झूठे पाए गए।
बार एसोसिएशन का आरोप है कि पुलिस ने अपनी जांच में यह तो माना कि विवाद राजनीतिक रंजिश का नतीजा है और कार्रवाई दोनों पक्षों पर होनी चाहिए थी, लेकिन दबाव के चलते सिर्फ हिमांशु मलिक को निशाना बनाया गया। वकीलों ने अब राज्यस्तरीय आंदोलन की राह पकड़ ली है। पार्षद हिमांशु मलिक ने बताया कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ कि उस पर कार्रवाई हुई है। इस पहले विधायक ने उनके जिम पर बिजली विभाग की रेड करवा परेशान किया था।
फिर नगर काउंसिल से नोटिस भेजकर परेशान किया। यह पूरी साजिश आप विधायक के इशारे पर हुई है। अब भी विधायक के इशारे पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। पार्षद ने कहा कि विधायक कांग्रेस के प्रधान को कुर्सी से उतारना चाहती थी पर वह प्रधान के पक्ष में खड़े थे। इसी रंजिश के चलते आप विधायक उसे शुरू से परेशान करने में जुटी हुई है। आप विधायक कुछ भी कर ले लेकिन वह सच्चाई का रास्ता नही छोड़ेंगे।