परिषदीय स्कूलों की परीक्षाएं बन रहीं मजाक, शिक्षक परेशान
ग्रेटर नोएडा। परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों को परीक्षा कराना भारी पड़ रहा है। चारों ब्लॉक के 480 से अधिक स्कूलों में बुधवार से शुरू हुई अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शिक्षकों के लिए संकट बन गई हैं। कक्षा एक से आठवीं तक की कक्षाओं में बृहस्पतिवार को गणित, हिंदी, विज्ञान, संस्कृत/ उर्दू समेत विषयों की परीक्षाएं आयोजित कराई गईं। कक्षाओं में शिक्षक नहीं होने से परीक्षाएं भी मजाक बनती जा रही हैं। वहीं शिक्षक भी बेबस हैं। उनका कहना है कि एक शिक्षक पांच-पांच कक्षाओं को संभाल रहा है। पहले दिन मौखिक परीक्षाओं के होने से कोई परेशानी नहीं हुई, लेकिन अब लिखित परीक्षाएं शुरु हो गई हैं। इससे काफी परेशानी हो रही है।
उत्तर प्रदेशीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रवीन शर्मा ने बताया कि 1800 से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी एसआईआर में लगा दी गई है। अब एसआईआर की तारीख को फिर से बढ़ा दिया गया है। उन्होंने कहा कि जो बीएलओ अपना एसआईआर का काम कर चुके हैं, कम से कम उन्हें इससे मुक्त कर देना चाहिए, जिससे छात्रों का भी नुकसान न हो। उन्होंने कहा कि यदि एसआईआर का काम ही कराना है तो परीक्षाओं को आगे बढ़ाया जाए। वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पंवार का कहना है कि परीक्षाओं को कराना प्राथमिकता में है। शिक्षकों के सहयोग से परीक्षाओं को कराने में कोई परेशानी नहीं आ रही है।