गाजियाबाद। सोमवार को पकड़ी गई कफ सिरप की तस्करी का गोरखधंधा केमिस्ट, फार्मासिस्ट, मेडिकल स्टोर संचालक और ट्रांसपोर्टर की जुगलबंदी से प्रदेशभर में जारी था। तस्करों ने इसके लिए कई फर्जी फर्म बना रखी हैं। धंधे में शामिल लोग हवाला के जरिए करोड़ों का लेनदेन करते हैं। मेरठ रोड स्थित गोदाम से कफ सिरप की तस्करी पहली बार नहीं हुई। इसी माह पांच बार कई राज्यों में तस्करी की जा चुकी है। जांच में पाया गया कि हिमाचल प्रदेश के पोंटा साहेब स्थित एस्कफ सीरप की मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी से माल मंगाया जाता था।
क्राइम ब्रांच की टीम ने बरेली गोरखपुर ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक संतोष भड़ाना, इंदिरापुरम में स्थित आरएस फार्मा के मालिक सौरव त्यागी, दिल्ली के पटपड़गंज स्थित मेडेरान हेल्थ स्टोर के मालिक पप्पन यादव, सहारनपुर की एवी फार्मास्यूटिकल के मालिक अभिषेक शर्मा और संजय नगर दिल्ली की वान्या इंटरप्राइजेज के मालिक विशाल उपाध्याय व दिल्ली में दर्शायी गई फर्जी फर्म दर्शना इंटरप्राइजेज के मालिक को इस गोरखधंधे में संलिप्त पाया है। जिले के कई केमिस्ट और फार्मासिस्ट भी एसआईटी की रडार पर हैं।
अंतरराज्यीय स्तर पर कफ सिरप की तस्करी करने वालों ने नौ फर्जी कंपनियां अलग-अलग नाम से खोली हैं। इनके नाम से बिल काटे जाते थे। कफ सिरप की मांग करने वाली कंपनियां भी फर्जी पाई गई हैं। गिरफ्तार तस्करों से दिल्ली संजय गांधी कॉलोनी स्थित वान्या ट्रांसपोर्ट कंपनी के नाम से बिल मिले हैं। इसका मालिक विशाल उपाध्याय है। इस गिरोह का सरगना शुभम जायसवाल निवासी मैट्रागिन बनारस ग्रामीण है।
शुभम जायसवाल सहारनपुर स्थित एवी फार्मास्युटिकल के मालिक अभिषेक शर्मा के जरिए कफ सिरप को हिमाचल प्रदेश के पोंटा साहेब स्थित एस्कफ सीरप की मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी से माल मंगाता था और गाजियाबाद के गोदाम में संरक्षित कर लेता था। बांग्लादेश से मांग आते ही कफ सिरप की तस्करी कंटेनर और ट्रकों से होती थी। इसका भुगतान हवाला के जरिए होता था। सरगना दलाल को भेजकर एडवांस मंगाता था और कफ सिरप पहुंच जाने पर हवाला के जरिए ही करोड़ों रुपये का लेनदेन करते थे। हरियाणा के जनपद पानीपत में एस्कफ सिरप की लेबोरेट फार्मास्युटिकल प्रा. लि. के नाम से फर्म है। हालांकि कफ सिरप का उत्पादन पोंटा साहेब में होता है।
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गेहूं, चावल, चूना व चिप्स की भी बनाई फर्जी कंपनी
ये गिरोह कंटेनर और ट्रकों के पीछे गेहूं, चावल, चूना और चिप्स के बोरे रखता था। इनकी फर्जी फर्म भी इस गिरोह ने बना रखी है। चैकिंग होने पर गेहूं, चावल, चूना और चिप्स के बिल दिखाए जाते थे। साथ ही दावा किया जाता था कि इसमें बिल के मुताबिक ही माल भरा है। एसआईटी अब फर्जी कंपनियों और उससे जुड़े लोगों को तलाश रही है।
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इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
-सौरव त्यागी निवासी मकनपुर इंदिरापुरम ट्रांसहिंडन
-धर्मेंद्र कुमार सिंह राजन ट्रांसपोर्ट लिवासपुर नई दिल्ली
-दीपू यादव ग्राम जरवा जतारा टीकमगढ़ मध्यप्रदेश
-सुशील यादव निवासी ग्राम रवा जतारा टीकमगढ़ मध्यप्रदेश
-अम्बुज कुमार निवासी मछली गोदाम हरवंश नगर नंदग्राम
-शिवकांत उर्फ शिव निवासी कनावनी इंदिरापुरम
-शादाब निवासी कैला भट्ठानगर कोतवाली
-संतोष भड़ाना निवासी गांव गढ़ी माजरा थाना मधुबन बापूधाम
-पप्पन यादव निवासी पडपडगंज दिल्ली
-आसिफ निवासी राधना किठौर जनपद मेरठ
-वसीम उर्फ नानू निवासी नानू सरधना जनपद मेरठ
-अभिषेक शर्मा निवासी सहारनपुर।
-शुभम जायसवाल निवासी मैदागिन बनारस वाराणसी
-विशाल उपाध्याय वान्या इंटरप्राईजेज के मालिक निवासी संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर दिल्ली।
-सुमित राणा निवासी अज्ञात
-कमल मौर्य अज्ञात
-सोनू अज्ञात
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वर्जन....
मेरठ रोड स्थित गोदाम से माह में पांचवीं बार कफ सिरप तस्करी किया जा रहा था। इससे पूर्व भी भारी मात्रा में कफ सिरफ बांग्लादेश व ऐसे राज्यों में जहां शराब पर प्रतिबंध है में तस्करी की जाती थी। जांच में कई फर्जी फर्म भी पाई गई हैं, अन्य की जांच की जा रही है।
-पीयूष कुमार सिंह, एडीसीपी अपराध