फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: छज्जों से गिरते प्लास्ट के बीच रहने को मजबूर निगम के कर्मचारी

विज्ञापन
गाँधी नगर में जर्ज़र निगम कर्मचारियों का आवास।
विज्ञापन
गाजियाबाद। लोगों को सुविधाएं देने वाले निगम के कर्मचारी खुद असुविधाओं के बीच रहने को विवश हैं। शहर में निगम कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवासों के छतों के छज्जे टूटकर गिर रहे हैं, लेकिन वह अधिकारियों के यहां अपनी बात तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं। अगर अधिकारियों से अपनी पीड़ा कह भी रहे हैं तो उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।
विज्ञापन

यह हाल तब है जब पिछले दो साल में निगम के अधिकारी एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रोजेक्ट शहर में ले आए हैं। वह अपने कर्मचारियों को सुविधाएं नहीं दे पा रहे हैं। कर्मचारियों के आवासों की पड़ताल शनिवार को अमर उजाला की टीम ने की। इस दौरान गांधीनगर स्थित कर्मचारियों के घर के बाहर दीमक का कब्जा हो चुका था। गलियारे के ऊपर का छज्जा पूरी तरह से लटक चुका था। छत को जाने वाली सीढ़ियों पर मोटी-मोटी काई जमी थी। इसके बाद प्रथम तल पर कर्मचारियों के लिए दो-दो कमरे का आवास बना था। कर्मचारी नेता रविंद्र कुमार ने बताया कि बारिश के दौरान कर्मचारियों के आवासों की छत से पानी टपकता है। छत को जाने वाले मार्ग का छज्जा पूरी तरह से जर्जर हो चुका था। कई जगह से टूटकर नीचे गिर रहा है। ऐसे में वहां रहने वाले कर्मचारियों के मन में हमेशा हादसे का भय बना रहता है । ऐसे ही निगम के आधे से अधिक कर्मचारियों के लिए बनाए गए निवासों का हाल है। यहां रहने वाले कर्मचारी जान हाथ में रखकर रहने को विवश हैं।

छत से टपकता है पानी
गांधी नगर में निगम की ओर से बनाए गए मकानों में रहने वाले नगर निगम के बिजली विभाग में तैनात सत्यम वशिष्ट व उद्यान में तैनात अजय कुमार ने बताया कि उनके आवास में छत से पानी टपकता है। बारिश के दिनों में घर में रहना मुश्किल हो जाता है। परिवार के साथ रहने के लिए छत पर पन्नी डालकर रहना पड़ता है।
विज्ञापन


रहता है हादसों का डर

लोहिया नगर टंकी कम्पाउंड के पास निगम की ओर से कर्मचारियों को आवास दिया गया है। यहां रहने वाले नगर निगम के उद्यान विभाग के कर्मचारी प्रेमपाल व टैक्स में कार्य करने वाले रवींद्र पाल ने बताया कि कई बार घर से निकलते या अंदर जाते समय छत का जर्जर चप्पड़ टूटकर गिर गए। ऐसे में हमेशा हादसों का डर बना रहता है।
शिकायत के बाद भी नहीं सुन रहे अधिकारी
नगर निगम के कर्मचारी सुनीता, राकेश यादव, राजनगर टंकी कंपाउंड के रहने वाले संदीप बिहिलवाल, राजनगर सेक्टर 10 टंकी कम्पाउंड के रहने वाले संजय शर्मा समेत अन्य कर्मचारियों ने बताया कि कई बार कर्मचारियों के आवासों की मरम्मत को लेकर अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है। निगम के अधिकारी अपने ही कर्मचारियों की समस्याओं को नहीं सुन रहे हैं। कई बार यहां रहने वाले लोग हादसों से बचे हैं। बावजूद इसके निगम के कर्मचारी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें