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तेजी से बढ़ रहे अस्पातलों में मरीज, बेड हो रहे फुल

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तेजी से फैल रहा कोरोना, अस्पतालों में फुल हो रहे बेड
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नोएडा/ ग्रेटर नोएडा। जिले में कोरोना के तेजी से हो रहे प्रसार की स्थिति को अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या को देखकर समझा जा सकता है। निजी और सरकारी कोविड अस्पतालों में मरीजों का ग्राफ पिछले 15 दिनों में तेजी से बढ़ा है। आलम यह है कि कोविड अस्पतालों में अब तक रिक्त पड़े बेडों की संख्या कम पड़ने लगी है। जनपद में एक्टिव केसों की संख्या 1500 से 2000 के बीच बनी हुई है। इससे आशय है कि इतने मरीजों में से कुछ होम आइसोलेशन तो अधिकांश अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। जिस तेजी से मरीजों की संख्या बढ़ रही है। आशंका है कि आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो जाएगी। बुधवार को अस्पतालों में बेडों के सापेक्ष भर्ती मरीजों को देखे तो स्थिति बेहद गंभीर है। जिम्स, जेपी, यथार्थ, फोर्टिस, सेक्टर-39 समेत तमाम अन्य कोविड अस्पतालों में हालात ठीक नहीं हैं।
कहां क्या है स्थिति
अस्पताल बेड भर्ती मरीज
जिम्स 180 130
शारदा 400 128
फोर्टिस 40 40
यथार्थ 200 160
जेपी 150 130
कैलाश 200 180
सेक्टर-39 168 125
नोट: अस्पतालों की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकडे़ लगभग में हैं।
कागजों में है 5000 बेड की योजना
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, जनपद में करीब 3000 से 3500 बेड एक्टिव हैं। विभागीय कवायद इन्हें 5000 करने की है। खास बात यह है कि क्रियान्वयन की योजना अभी कागजों में ही है।
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आने वाले समय में खराब हो सकते हैं हालात
निम्स, गलगोटिया एल वन श्रेणी के अस्पतालों में शुमार रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों में मरीजों का भार एल टू, एल थ्री श्रेणी के अस्पतालों पर बढ़ा है। फोर्टिस, यथार्थ, जेपी, जिम्स, शारदा, सेक्टर-39 में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कई अस्पतालों में वेटिंग चल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का प्रसार जिस तेजी से हो रहा है। आने वाले समय में स्थिति और अधिक खराब हो सकती है।
प्रकाश अस्पताल बना कोविड अस्पताल
ग्रेटर नोएडा का प्रकाश अस्पताल भी कोविड अस्पतालों की सूची में शामिल हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने 50 बेड का कोविड अस्पताल बना दिया है। विभाग ने बुधवार को भी कोविड अस्पतालों की समीक्षा की।
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बयान
जनपद में 3000 से साढ़े 3 हजार तक एक्टिव बेड हैं। इन्हें बढ़ाकर 5 हजार करने की योजना है। कुछ अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन घबराने वाली बात नहीं है।
डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ
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